सुल्तानपुर। चेसिस नंबर बदलकर ट्रकों का फर्जी पंजीकरण कराने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का एसटीएफ ने शुक्रवार को खुलाया किया। गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया। इनके पास से जाली दस्तावेज, बीमा के कागजात भी बरामद किए गए हैं। चार फर्जी रजिस्ट्रेशन वाले ट्रक, एक लोडर व तीन मोबाइल भी एसटीएफ ने अपने कब्जे में लिया है। पकड़े गए लोग आजमगढ़, वाराणसी व अंबेडकरनगर के हैं। कोतवाली देहात थाने में तीनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
एसटीएफ लखनऊ के उपाधीक्षक दीपक कुमार सिंह ने बताया कि शुक्रवार दोपहर कोतवाली देहात के अयोध्या बाईपास के पास स्थित एक गैराज में ट्रकों को लाकर उनके इंजन व चेसिस नंबर बदलने की जानकारी मिली। उपनिरीक्षक तेज बहादुर सिंह, उपनिरीक्षक हरीश सिंह चौहान की अगुवाई में पुलिस टीम ने गैराज पर छापा मारा। चेसिस नंबर और कागजात बदलने का काम चल रहा था। पकड़े गए लोगों की पहचान अंबेडकरनगर जिले के पहाड़पुर निवासी विजय शंकर मिश्रा, आजमगढ़ के सुल्तानपुर निवासी बृजेश कुमार और वाराणसी के सारनाथ के दनिहालपुर निवासी जय प्रकाश विश्वकर्मा के रूप में हुई।
चोरी या स्क्रैप से प्राप्त इंजन का करते थे उपयोग
एसटीएफ के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त अंतरराज्यीय स्तर पर ट्रकों के इंजन व चेसिस नंबर में हेराफेरी कर फर्जी दस्तावेज तैयार करते थे, और उन्हें अवैध रूप से चलाते थे। यह गिरोह विशेष रूप से उन ट्रकों को निशाना बनाता था जिनकी लोन किश्तें डिफॉल्ट हो चुकी होती थीं। इसके बाद, गिरोह ट्रकों के इंजन और चेसिस नंबर बदलकर फर्जी आरसी और बीमा दस्तावेज तैयार करता था। चोरी या स्क्रैप से प्राप्त इंजन-चेसिस का उपयोग कर इन ट्रकों को दोबारा बाजार में खपाया जाता था। पूछताछ में अभियुक्त विजय शंकर मिश्र ने बताया कि गिरोह कई वर्षों से इस अवैध धंधे में सक्रिय है और एक ही ट्रक का कई बार इंजन व चेसिस नंबर बदलकर इस्तेमाल किया जाता था।