सुल्तानपुर। बार एसोसिएशन में दो पूर्व अध्यक्षों के कार्यकाल में हुए घपले की जांच तीन सदस्यीय समिति करेगी। घपले के आरोपों के बारे में एडवायजरी कमेटी की ओर से दी जांच रिपोर्ट और उस पर आए जवाब का मिलान समिति करेगी। यह घोषणा शनिवार को बार एसोसिएशन अध्यक्ष रणजीत सिंह त्रिसुंडी ने दीवानी न्यायालय स्थित अधिवक्ता संघ भवन में साधारण सभा की हुई बैठक में की।
साधारण सभा की हुई बैठक में उन्होंने कहा कि पूर्व अध्यक्ष नरोत्तम शुक्ल समिति के अध्यक्ष होंगे। समिति में लाल प्रताप सिंह व पूर्व सचिव उमाशंकर तिवारी सदस्य के रूप में कार्य करेगें। अभिलेखों की जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बार अध्यक्ष ने कहा कि एडवायजरी बोर्ड वैध है। बोर्ड के सदस्य राघवेंद्र प्रताप सिंह के बीमार होने से उनकी जगह पर पूर्व अध्यक्ष रामफेर यादव को सदस्य बनाया गया है। कहा कि अधिवक्ता कल्याण निधि की धनराशि शीघ्र ही पांच लाख रुपये की जाएगी।
इससे पहले सत्र 2020-21 और 2023-24 में वित्तीय अनियमितता के मुद्दे पर एडवायजरी बोर्ड की जांच रिपोर्ट और उस पर आए जबाव पर वकीलों ने चर्चा की। पूर्व अध्यक्ष नागेंद्र सिंह व अरविंद पांडेय और पूर्व सचिव राकेश श्रीवास्तव व आर्तमणि मिश्र ने उनके ऊपर लगाए जा रहे घपले के आरोपों को गलत बता कार्रवाई समाप्त करने की मांग की।
पूर्व अध्यक्ष नरेंद्र सिंह ने रसीदों का अवलोकन कर कार्रवाई करने की बात कही। पूर्व अध्यक्ष नरोत्तम शुक्ल ने हापुड़ यात्रा में और दीवानी न्यायालय से कादीपुर को थाना ट्रांसफर करने के विरोध हाईकोर्ट में याचिका दायर करने में खर्च करने की आलोचना की। उन्होंने बार के बजट का रुपया अनावश्यक खर्च करने काे गलत बताया। वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद सिंह राजा ने कहा कि वित्तीय अनियमितता रोकने के लिए घपले के धन की रिकवरी होनी चाहिए। पूर्व सचिव गिरिजा प्रसाद दुबे, राज कुमार सिंह, पूर्व अध्यक्ष संदीप सिंह ने भी संबोधित किया।
पूर्व अध्यक्ष शिवमंगल शुक्ल ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। बैठक में पूर्व अध्यक्ष रामविशाल तिवारी, महेंद्र शर्मा, वीरेंद्र चतुर्वेदी, कृपाशंकर सिंह, रामदयाल शुक्ल, धनंजय दुबे, अतुल शुक्ल, अनिल दुबे, पूर्व सचिव योगेंद्र प्रताप सिंह समेत कई अधिवक्ता मौजूद रहे।