सुल्तानपुर। ऋषिकेश सिंह हत्याकांड में राकेश यादव की एफटीसी द्वितीय कोर्ट ने बुधवार को दोषी साबित हुए दोषी इरफान, सौरभ मिश्र व बाबुल की सजा पर अपना फैसला सुनाया। अदालत ने तीनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 30 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया।
कोतवाली नगर के सिरवारा रोड के पास रहने वाले राकेश सिंह ने नौ फरवरी वर्ष 2008 की घटना बताते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। घटना के समय उनके भाई ऋषिकेश सिंह उर्फ पिंटू नया नगर-सिरवारा रोड निवासी दीप सिंह के घर गए थे। शाम करीब सात बजे वे दीप सिंह के घर से बाहर निकले। इसी दौरान कोतवाली नगर के लोलेपुर निवासी आरोपीगण इरफान उर्फ जानी, आजाद उर्फ नूर मोहम्मद, बाबुल व दो बाल अपचारियों व सिरवारा रोड नया नगर निवासी आरोपी सौरभ मिश्र ने तलवार, राॅड, हाॅकी व विकेट सहित अन्य हथियारों से हमला कर ऋषिकेश सिंह की हत्या कर दी थी।
मामले से जुड़े बाल अपचारियों के खिलाफ किशोर न्यायालय में सुनवाई चल रही है, जबकि शेष चार आरोपियों के खिलाफ एफटीसी द्वितीय की कोर्ट में सुनवाई पूरी हुई। पिछले मंगलवार को अदालत ने आरोपी आजाद को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त करार दिया था। वहीं, अदालत ने इरफान, सौरभ व बाबुल को हत्या का दोषी करार देते हुए उनकी सजा पर सुनवाई के लिए 15 अक्तूबर की तारीख तय की थी। सुनवाई के दौरान तीनों दोषी जिला कारागार से तलब हुए। (संवाद)