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जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में मैदान में तीन प्रत्याशी

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सुल्तानपुर। जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव के लिए मैदान में तीनों प्रत्याशी डटे हैं। मंगलवार को नाम वापसी के दिन किसी उम्मीदवार ने अपना नाम निर्देशन पत्र वापस नहीं लिया। अब भाजपा, सपा व निर्दल प्रत्याशी में मुकाबला तय है। तीनों प्रत्याशियों में सदस्य संख्या जुटाने के लिए शह-मात का खेल शुरू हो गया है।
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जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में मंगलवार को नाम वापसी की तिथि थी। जिला पंचायत सभागार में बनाए गए निर्वाचन कक्ष में जिला मजिस्ट्रेट/निर्वाचन अधिकारी रवीश गुप्ता अपने सहयोगियों के साथ निर्धारित समय तक बैठे रहे लेकिन किसी प्रत्याशी ने अपना नाम निर्देशन पत्र वापस नहीं लिया। नाम निर्देशन पत्र नहीं वापस लिए जाने से मैदान में भाजपा, सपा व निर्दल प्रत्याशी आ गए हैं।
निर्वाचन अधिकारी रवीश गुप्ता ने बताया कि किसी प्रत्याशी ने अपना नाम निर्देशन पत्र वापस नहीं लिया है। नाम वापसी की समय सीमा समाप्त होने के बाद अध्यक्ष का चुनाव अपने पक्ष में करने के लिए भाजपा प्रत्याशी ऊषा सिंह, सपा प्रत्याशी केशा देवी व निर्दल अर्चना सिंह ने अपनी ताकत झोंक दी है।
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45 सदस्यीय जिला पंचायत में तीनों उम्मीदवार जरूरी सदस्य संख्या 23 के आंकड़े को जुटाने में लग गए हैं। तीनों उम्मीदवारों में शह-मात का खेल शुरू हो गया है।
दूसरे प्रदेश की सैर पर गए कई सदस्य
जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव को देखते हुए प्रत्याशियों की ओर से हर प्रयत्न किए जा रहे हैं। प्रशासन ने जिला पंचायत सदस्यों की सुरक्षा में गनर लगा दिए हैं। सूत्रों की मानें तो इस बीच कुछ सदस्य दूसरे प्रदेशों की सैर पर चले गए हैं। इन सदस्यों के चुनाव के दिन लौटने की संभावना जताई जा रही है।
हालांकि सैर पर जाने वाले सदस्यों की ओर से अभी तक कोई आपत्ति पुलिस व प्रशासन में दर्ज नहीं कराई गई है। आपत्ति दर्ज नहीं होने से प्रशासन भी बेफ्रिक है। हालांकि प्रशासन स्थिति पर नजर रखे है। गनरों से बराकर सदस्यों की रिपोर्ट ली जा रही है।
विकल्प के अभाव व पैरवी से बनी भाजपा प्रत्याशी
जिला पंचायत अध्यक्ष पद की प्रत्याशी के चयन में भाजपा के पास निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष व वार्ड नंबर 25 की डीडीसी ऊषा सिंह के अलावा कोई विकल्प नहीं था। अध्यक्ष पद महिला के लिए आरक्षित है। चुनाव में दो सीट जीतने वाली भाजपा के पास ऊषा सिंह के अलावा कोई महिला विजेता नहीं थीं।
माना जा रहा है कि संगठन के पास उनके नाम की संस्तुति करने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। इसके साथ ही ऊषा सिंह पर जिले के कई विधायक, सांसद मेनका गांधी व पार्टी के पदाधिकारियों तक का वरदहस्त बताया जा रहा है। विकल्प के अभाव व मजूबत पैरवी में ऊषा सिंह भाजपा की उम्मीदवार बन गईं।
अध्यक्ष की भाभी होने का केशा देवी को मिला फायदा
सपा प्रत्याशी केशा देवी मौजूदा सपा जिलाध्यक्ष पृथ्वीपाल यादव की भाभी हैं। पृथ्वीपाल यादव एक बार जिला पंचायत अध्यक्ष भी रह चुके हैं। परिवार की मजबूत राजनीतिक पकड़ की वजह से केशा देवी सपा प्रत्याशी बनने में कामयाब हुईं। सपा जिलाध्यक्ष के अलावा भी संगठन के कुछ लोग भी उन्हें मजबूत मनाते हुए पार्टी में पैरोकारी कर रहे थे।
राजनीतिक परिवार से अर्चना सिंह
निर्दल प्रत्याशी अर्चना सिंह इसौली के पूर्व विधायक रहे स्व. इंद्रभद्र सिंह की बेटी, पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह सोनू व पूर्व प्रमुख यशभद्र सिंह मोनू की छोटी बहन हैं। दोनों भाइयों की राजनीति में उच्च स्तर तक खासी पैठ है। पहले तो दोनों भाइयों ने अपनी बहन को राजनीतिक दल से उतारने की कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिलने पर निर्दल मैदान में उतारा है। पूर्व प्रमुख यशभद्र सिंह मोनू स्वयं पिछला आम व उप जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव लड़ चुके हैं। चुनाव में वे ही मुख्य प्रतिद्वंद्वी रहे।
अमेठी में भाजपा-सपा में सीधी टक्कर
गौरीगंज (अमेठी)। जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर नामांकन करने वाले भाजपा और सपा प्रत्याशी में किसी ने मंगलवार को अपना पर्चा वापस नहीं लिया। नाम वापसी का समय समाप्त होने के बाद यह तय हो गया है कि जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी के लिए भाजपा व सपा प्रत्याशी के बीच सीधी टक्कर होगी। तीन जुलाई को मतदान के बाद मतगणना भी होगी।
जिले में जिला पंचायत के 36 सदस्य हैं। इनमें सपा के नौ, भाजपा के आठ, बसपा तीन, कांग्रेस दो, जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) के एक समर्थित के अलावा 13 निर्दलीय डीडीसी हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए 26 जून को हुए नामांकन में भाजपा प्रत्याशी के रूप में राजेश अग्रहरि व सपा प्रत्याशी के रूप में गौरीगंज के सपा विधायक राकेश प्रताप सिंह की पत्नी शीलम सिंह ने नामांकन दाखिल किया था।
मंगलवार को नामांकन पत्र वापसी की तिथि नियत की गई थी। किसी प्रत्याशी ने नामांकन पत्र वापस नहीं लिया जिसके बाद यह तय हो गया है कि जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी के लिए भाजपा व सपा प्रत्याशी के बीच टक्कर होगी।
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