अमहट में आयोजित मजलिस को संबोधित करते मौलाना।
सुल्तानपुर। मोहम्मद साहब की एकलौती बेटी के शहादत पर अमहट गोराबारिक, अलीगढ़ और तुराबखानी में मजलिसों का दौर चल रहा है। शनिवार रात हुसैनिया बादल खां में आयोजित मजलिस में मौलाना अली अब्बास हल्लौरी ने कहा फातमा जहरा ने एक बेटी, एक पत्नी और मां की हैसियत से ऐसा किरदार पेश किया, जो अरब के लोग अपनी बेटियों को जिंदा दफन कर देते थे।
वहीं, अरब के लोग मोहम्मद साहब की बेटी के बताए हुए रास्ते को अपनाकर नारी का सम्मान करना सीख गए। मौलाना के मसायब को सुनकर लोगों की आंखों से आंसू आ गए। इस मौके पर हुसैनी शिया वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष हैदर अब्बास खान समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।