पीपीकमैचा के छापर में टैंक देखतीं समूह की महिलाएं।
सुल्तानपुर। कम जगह में मछली पालन का कारोबार शुरू कराकर समूह की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की योजना में तेजी आई है। इसके लिए समूह की 33 महिलाओं को एनआरएलएम ने पीपीकमैचा में तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिया। इसमें बायोफ्लॉक टैंक में मछली पालन के तरीके बताए गए।
प्रशिक्षण के बाद पीपीकमैचा की छापर ग्राम पंचायत में मछली पालन के लगे सात बायोफ्लॉक टैंक का शुक्रवार को भ्रमण कराया गया। भ्रमण में महिलाओं ने मत्स्य पालकों से मछली पालन, उन्हें चारा देने व टैंक में पानी भरने के तरीकों की जानकारी ली। पालकों की ओर से मछलियों का चारा टैंक में डालकर दिखाया गया। प्रशिक्षण में चार विकास खंडों मोतिगरपुर, कादीपुर, अखंडनगर व पीपी कमैचा की 33 महिलाओं ने हिस्सा लिया।
जिला मिशन प्रबंधक मोहम्मद जासेफ ने बताया कि बायोफ्लॉक पद्धति से मछली पालन में करीब 60 हजार रुपये महिलाओं को लगाना होगा। कार्य शुरू होने पर प्रधानमंत्री मत्स्य पालन योजना के तहत महिलाओं को 30 हजार रुपये वापस मिल जाएंगे। इच्छुक महिलाओं से लागत की धनराशि जमा कराकर कारोबार शुरू कराया जाएगा। मछली पालन करने से महिलाएं घर पर रहकर आत्मनिर्भर बन सकेंगी।