सुल्तानपुर। जुलाई माह में विवाह की तैयारियों में जुटे परिवारों के लिए समय बेहद सीमित रह गया है। इस महीने विवाह के सिर्फ दो शुभ मुहूर्त शेष हैं। इसके बाद 25 जुलाई से चातुर्मास प्रारंभ हो जाएगा, जिससे नवंबर तक विवाह, गृह प्रवेश और अन्य मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाएगा।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार देवशयनी एकादशी से भगवान विष्णु योगनिद्रा में चले जाते हैं। चातुर्मास के दौरान सनातन परंपरा में विवाह सहित सभी शुभ एवं मांगलिक कार्य नहीं किए जाते। ऐसे में जिन परिवारों में विवाह तय हैं, वे उपलब्ध मुहूर्तों के अनुसार तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। कथा प्रवाचक बृजेशाचार्य महाराज ने बताया कि मंगलवार और 11 जुलाई को विवाह का शुभ मुहूर्त है। 12 जुलाई से शहनाइयों की गूंज थम जाएगी। चार माह 19 नवंबर तक सभी मांगलिक आयोजनों पर विराम लग जाएगा। 20 नवंबर से 11 दिसंबर तक फिर से वैवाहिक आयोजन शुरू हो जाएंगे।