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Sultanpur News: मुसीबत का धुआं घोंट रहा कारोबार का दम

Fri, 03 Apr 2026 11:49 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
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 गैस न मिलने से शहर में एक होटल का बंद चूल्हा। संवाद
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सुल्तानपुर। शहर के प्रमुख बाजारों में इन दिनों सिर्फ सन्नाटा ही नहीं, बल्कि गैस संकट की मार भी साफ दिख रही है। चौक से लेकर घंटाघर, पंचरास्ता, बस स्टैंड और रेलवे रोड तक, जहां सुबह-शाम चाय-नाश्ते की खुशबू महकती थी, वहां अब भट्ठियों का धुआं और धीमी रफ्तार से चलता काम नजर आ रहा है। व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की सप्लाई पिछले कई दिनों से ठप है, जिससे खानपान का कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
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हालात ये हैं कि छोटे-छोटे ठेले से लेकर होटल तक, सभी ने अपने-अपने स्तर पर समझौता कर लिया है। कई दुकानों ने मेन्यू आधा कर दिया है तो कुछ ने दुकान ही बंद कर दी है। फास्ट फूड विक्रेता अंकुर बताते हैं कि गैस नहीं मिल रही, दो दिन से दुकान बंद करनी पड़ी। राम प्रसाद और नौरंगीलाल जैसे चाय-नाश्ता दुकानदार अब लकड़ी और कोयले की भट्ठियों पर लौट आए हैं। उनका कहना है कि भट्ठी पर काम धीमा है और खर्च भी ज्यादा है, लेकिन कोई विकल्प नहीं है।
होटल संचालकों ने भी सुबह के नाश्ते बंद कर दिए हैं और सिर्फ सीमित समय के लिए भोजन परोस रहे हैं। मिठाई कारोबारियों की परेशानी अलग है। लागत बढ़ने के बावजूद दाम बढ़ाना संभव नहीं है, जिससे मुनाफा घट गया है। गैस संकट ने शहर के स्वाद के साथ-साथ हजारों लोगों की रोजी-रोटी पर भी असर डाल दिया है।
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सिलिंडर की कालाबाजारी तोड़ रही कमर
मिठाई कारोबारी अशोक गुप्ता ने बताया कि बाजार में व्यावसायिक सिलिंडर 3000 रुपये तक और घरेलू सिलिंडर 1800 से 2000 रुपये में मिल रहे हैं। मजबूरी में कुछ कारोबारी महंगे दाम पर खरीद रहे हैं, जबकि छोटे दुकानदार इससे दूर ही रह रहे हैं।

रफ्तार थमी, ग्राहकों का रुख भी बदला
भट्ठियों पर धीमी रफ्तार से काम होने और आइटम कम होने से ग्राहक भी दूसरी जगहों का रुख कर रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि पहले जहां एक घंटे में दर्जनों ऑर्डर पूरे होते थे, अब उतना काम आधे दिन में भी नहीं हो पा रहा। इससे कारोबार पर दोहरी मार पड़ रही है।

शहर समेत ग्रामीण क्षेत्रों में टीम लगातार सिलिंडर की कालाबाजारी रोकने के लिए छापे मार रही है, गैस एजेंसियों की पड़ताल की जा रही है, कालाबाजारी की शिकायत मिलेगी तो कार्रवाई की जाएगी। -जीवेश मौर्य, जिला पूर्ति अधिकारी
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