सुल्तानपुर। हरियाली के साथ सेहत का खजाना देने के लिए जिले में इस बार वन विभाग अभियान चलाएंगा। वन विभाग ने ऐसे औषधीय पौधों को अभियान का हिस्सा बनाया है, जो आने वाले समय में पर्यावरण संरक्षण के साथ लोगों के स्वास्थ्य और ग्रामीण आजीविका को भी मजबूती देंगे।
अभियान के तहत जिलेभर में जामुन के 2,58,289 और सहजन (मोरिंगा) के 75,290 पौधे लगाए जाएंगे। इन पौधों को स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सरकारी कार्यालयों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर रोपित किया जाएगा।
सहजन और जामुन सिर्फ पेड़ नहीं, बल्कि स्वास्थ्य का प्राकृतिक खजाना माने जाते हैं। सहजन की पत्तियों और फलियों में भरपूर पोषक तत्व, विटामिन और खनिज पाए जाते हैं। जामुन पाचन तंत्र के लिए उपयोगी और मधुमेह नियंत्रण में सहायक माना जाता है। विभाग का उद्देश्य है कि आने वाले वर्षों में ये पौधे लोगों को छाया, ऑक्सीजन और पोषण का आधार बनें।
महिला सशक्तीकरण और रोजगार
वन विभाग ने इस अभियान को महिला सशक्तीकरण से भी जोड़ा है। स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। वे सहजन की पत्तियों का पाउडर और जामुन की गुठलियों का चूर्ण तैयार करेंगी। विभाग तैयार उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने में सहयोग उपलब्ध कराएगा। इससे स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्यवर्धक उत्पादों की उपलब्धता बढ़ेगी और ग्रामीण महिलाओं को आय के नए साधन मिलेंगे।
औषधीय पौधों से बनेगा आत्मनिर्भरता का रास्ता
पौधरोपण अभियान की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सहजन और जामुन जैसे उपयोगी पौधों से बनने वाले उत्पादों के निर्माण में स्वयं सहायता समूहों को जोड़ा जाएगा। इससे लोगों को स्वास्थ्य लाभ मिलेगा और ग्रामीण महिलाओं को रोजगार के नए अवसर भी प्राप्त होंगे।
- अमित सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी