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50 हजार रुपये देकर हिस्ट्रीशीटर से कराई गई थी हिमांशु की हत्या

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सुल्तानपुर। पखवारे भर पूर्व शहर से अगवा कर की गई युवक की हत्या का शनिवार को पुलिस ने खुलासा कर दिया। चांदा क्षेत्र के एक प्रॉपर्टी डीलर ने हिस्ट्रीशीटर को 50 हजार रुपये देकर हत्या कराई थी।
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हिस्ट्रीशीटर अपराधी और प्रॉपर्टी डीलर को गिरफ्तार करके पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त कार और एक पाइप बरामद किया है। हत्या में शामिल प्रेमिका और उसकी मां की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
कोतवाली नगर क्षेत्र के पीडब्ल्यूडी सिविल लाइन निवासी हिमांशु सिंह (28) पुत्र प्रदीप सिंह का शास्त्रीनगर मोहल्ले की रहने वाली प्रतिभा उपाध्याय की पुत्री सजल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। पिछले तीन दिसंबर को हिमांशु सिंह अचानक लापता हो गया।
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हिमांशु के भाई शिवेंद्र सिंह ने नगर कोतवाली में प्रतिभा उपाध्याय और उसकी बेटी सजल के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। एसपी शिवहरी मीणा ने अपहरण के मामले को गंभीरता से लेते हुए सीओ सिटी सतीश चंद्र शुक्ल को खुलासे की जिम्मेदारी सौंपी थी।
इसी बीच चार दिसंबर को बाराबंकी जिले के लोनी कटरा थाना क्षेत्र के अखैय्यापुर के पास नाले में एक शव पाया गया था। शव पाए जाने के 10 दिन बाद शिवेंद्र सिंह ने थाने में लगी फोटो के आधार पर शव की शिनाख्त अपने भाई हिमांशु के रूप में की थी।
इसके बाद कोतवाली नगर पुलिस ने अपहरण के दर्ज मुकदमे में हत्या की धारा बढ़ा दी थी। इसी बीच पुलिस ने चांदा कोतवाली क्षेत्र के कोथरा गांव के रहने वाले हिस्ट्रीशीटर अपराधी वाहिद खान को गिरफ्तार किया तो उसने हत्या का जुर्म स्वीकार कर लिया।
उसने पुलिस को बताया कि कोतवाली नगर क्षेत्र के चौक इलाके का रहने वाले प्रॉपर्टी डीलर गुफरान अख्तर ने 50 हजार रुपये हत्या के लिए दिए थे। इस मामले में प्रतिभा ने अपने करीबी गुफरान से मदद मांगी थी। जिसके बाद से उसे सुपारी मिली थी।
पुलिस ने वाहिद के बताने के बाद गुफरान अख्तर को गिरफ्तार कर लिया। हत्या के बाद शव को ले जाकर फेंकने में शामिल कार के साथ ही पाइप को भी पुलिस ने बरामद कर लिया।
सीओ सिटी सतीश चंद्र शुक्ल ने बताया कि हत्या में शामिल प्रतिभा उपाध्याय और उसकी बेटी सजल की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है। हिमांशु की हत्या में शामिल एक अन्य आरोपी प्रदीप मिश्रा को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
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