सुल्तानपुर। कोरोना काल में सांसद व विधायक निधि पर रोक लगने का दर्द विपक्षी माननीय झेल रहे हैं। उनके पत्र पर इलाज के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से मरीजों को धनराशि मिल जा रही है लेकिन क्षेत्र के लोगों की छोटी जरूरतें वे विभागों से पूरी नहीं करा पा रहे हैं।
सत्तापक्ष के आगे अधिकारी विपक्षी माननीयों को वजन नहीं दे रहे हैं। विपक्षी माननीयों का कहना है कि काम नहीं होने पर वे क्षेत्र के लोगों से हाथ जोड़ ले रहे हैं। विपक्ष के माननीय अब निधि शुरू करने की हिमायत कर रहे हैं।
सपा के विधान परिषद सदस्य शैलेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि कोरोना काल में सरकार की ओर से निधि बंद किए जाने से परेशानी आ रही है। क्षेत्र के लोग बड़ी उम्मीदों से पास आते हैं। निधि बंद होने से हैंडपंप, सोलर लाइट, इंटरलॉकिंग, विद्यालय कक्ष निर्माण जैसी छोटी जरूरतें क्षेत्र के लोगों की पूरी नहीं कर पा रहे हैं।
विपक्ष में होने के नाते विभागीय अधिकारी भी उनके आग्रह को बहुत महत्व नहीं देते हैं। यहां तक कि उपकरण वितरण आदि कार्यक्रमों तक में नहीं बुलाया जाता। काम नहीं करा पाने की स्थिति में क्षेत्र के लोगों से हाथ जोड़ लेना पड़ रहा है। सोलर लाइट, हैंडपंप के लिए ही दर्जनों लोग आ चुके हैं।
बताया कि गंभीर रोगों से ग्रसित मरीजों के इलाज के लिए लोगों को निराश नहीं होना पड़ रहा है। पत्र पर मुख्यमंत्री की ओर से इलाज के लिए धनराशि दी जा रही है। अब तक कई लोगों को इलाज का पैसा दिलवाया गया है।
इसौली के सपा विधायक अबरार अहमद ने बताया कि विधायक निधि बंद होने से क्षेत्रीय लोगों का कार्य बाधित हो गया है। विपक्षी पार्टी का होने की वजह से क्षेत्र के लोगों को हैंडपंप, सोलर लाइट, मार्ग निर्माण समेत अन्य कार्य नहीं करा पा रहे हैं। विपक्ष में होने की वजह से शासन से स्वीकृत कार्यों में भी पूरी हिस्सेदारी नहीं मिल पाती है।
अधिकारी क्षेत्रीय लोगों के छोटे-मोटे कार्य भी टाल देते हैं। केवल इलाज की सुविधा मुख्यमंत्री राहत कोष से मरीजों को मिल पा रही है। यदि निधि मिलती होती तो विपक्ष में रहते हुए भी क्षेत्र के लोगों का कुछ कार्य करवाया जा सकता था। अब निधि नहीं होने व अधिकारियों की ओर से सुनवाई नहीं किए जाने से दिक्कत आ रही है।