सुल्तानपुर। जल्द ही शहर दूधिया रोशनी से जगमग होगा। नगर पालिका परिषद ने शहर में एक हजार स्थानों पर एलईडी लाइटें लगवाने का प्रोजेक्ट तैयार किया है। इस कार्य पर करीब 70 लाख रुपये की लागत आएगी। लाइटों की ऑनलाइन खरीद जेम पोर्टल के जरिए होगी।
नगर पालिका की मंशा साकार हुई तो शहर जल्द ही दूधिया रोशनी से जगमगाएगा। स्ट्रीट लाइट को एलईडी में तब्दील करने का प्रोजेक्ट तमाम जद्दोजहद के बाद फाइनल हो गया है। शहर की प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए नगर पालिका परिषद ने तेजी से कार्य शुरू कर दिया है।
इस व्यवस्था के अंर्तगत पालिका क्षेत्र के अलग-अलग वार्डों में प्रमुख नुक्कड़ चौराहों व गलियों में लगे विद्युत पोलों को चिह्नित किया गया है। सभी पुराने बल्ब व अधिक क्षमता की सोडियम लाइट के स्थान पर टिकाऊ एलईडी लाइटें लगवाई जाएंगी।
शहर में प्रकाश की मुकम्मल व्यवस्था के लिए 25 वार्ड में करीब 4500 स्थानों का चयन किया गया था। पिछले वर्ष करीब एक हजार स्थानों पर एलईडी लाइटें लगाई गई थीं। इस वर्ष दूसरे चरण में 1000 पोल एलईडी लाइट लगाने के लिए चिन्हित किए गए हैं।
नगर पालिका की ओर से जेम पोर्टल (गवर्नमेंट ई-मार्केट प्लेस) के जरिए एलईडी लाइटों की खरीद की जाएगी। एक एलईडी लाइट की खरीद पर करीब सात हजार रुपये का खर्च आएगा। इन एलईडी लाइटों की खरीद पर कंपनी की ओर से गारंटी भी मिलेगी।
जिससे खराब होने पर इन्हें बदला भी जा सकेगा। 1000 एलईडी लाइटों की खरीद पर करीब 70 लाख रुपये का खर्च आएगा। इसकी कार्य योजना भी बना ली गई है। नगर पालिका परिषद के अधिकारियों का मानना है कि एलईडी लाइटें लगने से बिजली का खर्च कम आएगा।
सभासद अमोल बाजपेयी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल ने पिछले दिनों डीएम को शिकायती पत्र दिया था। आरोप लगाया है कि बीते 27 दिसंबर को नगर पालिका की ओर से एलईडी लाइट खरीदे जाने के लिए ऑनलाइन टेंडर निकाला गया था।
इसमें जेम पोर्टल से एक ही कंपनी के उत्पाद की डिमांड सप्लाई के लिए की गई है, जबकि जेम पोर्टल के जरिए एक ही कंपनी के उत्पाद की डिमांड नहीं की जा सकती है। सभासदों ने मामले की शिकायत करते हुए प्रकरण की जांच की मांग की है। अमोल बाजपेयी ने आरोप लगाया कि उनकी शिकायत को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।