नवगठित जिला पंचायत की बैठक की शुरुआत ही हंगामें से शुरू हुई। शपथ ग्रहण समारोह के बाद शुरू हुई पहली बैठक में सदन में बाहरी लोगों की मौजूदगी एवं समितियों के गठन को लेकर विधायक, एमएलसी व भाजपा जिला पंचायत सदस्य भिड़ गए। मामला जिला पंचायत सदस्य के आमचुनाव में बेईमानी से जीतने के आरोप-प्रत्यारोप तक पहुंच गया। इसे लेकर हंगामा हो गया। हंगामे के बीच समितियों के गठन का निर्णय अगली बैठक के लिए टाल दिया गया।
जिला पंचायत सभाकक्ष में बृहस्पतिवार को नवगठित जिला पंचायत के सदस्यों एवं अध्यक्ष के शपथ के बाद जैसे ही पहली बैठक शुरू हुई सदन में बाहरी लोगों की मौजूदगी एवं समितियों के गठन को लेकर हंगामा हो गया। जिला पंचायत अध्यक्ष ऊषा सिंह की अध्यक्षता में शुरू हुई बैठक के दौरान चर्चा में भाजपा के जिला पंचायत सदस्य अजय जायसवाल खड़े हुए। उन्होंने सदन में जिला पंचायत अध्यक्ष पति शिवकुमार सिंह के मौजूद रहने पर सवाल उठा दिया। इस पर डीडीसी कमला यादव ने उन पर बेईमानी से चुनाव जीतने का आरोप मढ़ दिया। सपा विधायक अबरार अहमद ने भी तंज कस दिया।
फिर क्या था, सदन में हंगामा शुरू हो गया। इस बीच जिला पंचायत की विभिन्न समितियों के गठन का अधिकार जिला पंचायत अध्यक्ष को दिए जाने की बात एक सदस्य द्वारा रखने का अजय जायसवाल ने फिर विरोध शुरू कर दिया। इस पर बसपा एमएलसी अशोक सिंह और विधायक अबरार अहमद की भाजपा डीडीसी से कहासुनी होने लगी। इसे लेकर काफी देर तक हंगामा चलता रहा। बाद में अधिकारियों एवं कुछ सदस्यों के हस्तक्षेप के बाद लोग शांत हुए। हंगामे के बीच समितियों के गठन का कार्य अगली बैठक के लिए टाल दिया गया।
जिला पंचायत अध्यक्ष ऊषा सिंह ने सदन में आए लोगों का आभार जताया। उन्होंने अगली बैठक में समितियों का गठन करने का कहा। संचालन एएमए अरविंद आनंद ने किया। बैठक में विधायक अबरार अहमद, रामचंद्र चौधरी, एमएलसी अशोक सिंह एवं जिला पंचायत सदस्य मौजूद रहे। सदस्यों ने जिला पंचायत के गाइड लाइन की मांग की।