दोस्ती निभाने गया किशोर, लौटी सिर्फ लाश
ग्रामीणों के मुताबिक कुनाल और युवती में प्रेम संबंध था। उसी से मिलने के लिए वह संजय और बाबू खान को साथ ले गया था। युवती के परिजन वहां अचानक पहुंचे और हिंसक वारदात में संजय की जान चली गई। वह इस पूरे मामले से अनजान और निर्दोष था।
सबसे बड़े बेटे को खोकर बेसुध हुआ परिवार
ई रिक्शा चालक सुनील निषाद के चार बच्चों में संजय सबसे बड़ा था। उसने इस साल हाईस्कूल पास किया था। मां केशा गृहिणी हैं। घर में अब छोटे भाई आकाश (12), सुदेश (8) और बहन उजाला (10) बचे हैं। संजय की मौत की खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया।