सुल्तानपुर। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पर सर्वोच्च न्यायालय के दिए गए आदेश और 2017 में संविधान संशोधन से जोड़ी गई धारा के विरोध में बृहस्पतिवार को जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ की बैठक तिकोनिया पार्क में हुई।
शिक्षकों ने इसे काला कानून बताते हुए सरकार से अध्यादेश लाकर संशोधन करने की मांग की। इसके बाद शिक्षकों ने मार्च निकालकर कलेक्ट्रेट में पहुंचे और प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा।
जिलाध्यक्ष देवेंद्र कुमार त्रिपाठी ने कहा कि वर्ष 2001 से पूर्व नियुक्त बेसिक शिक्षक इंटर व बीटीसी प्रशिक्षण धारी हैं। ऐसे शिक्षक उम्र सीमा पार कर चुके हैं, इसलिए वे टीईटी आवेदन से वंचित हो जाएंगे। मृतक आश्रित कोटे से नियुक्त शिक्षक, 2010 से पूर्व नियुक्त बीएड धारी और बीपीएड योग्यता वाले शिक्षक भी आवेदन नहीं कर पाएंगे। उन्होंने विवादित कानून वापस लेने का आह्वान किया।
उपाध्यक्ष तौहीद ने कहा कि खेल के दौरान नियम नहीं बदले जाते। कूरेभार अध्यक्ष रमेश कुमार ने आरोप लगाया कि 2017 में एनसीटीई ने छिपकर संशोधन कर शिक्षकों से अन्याय किया। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिला संयोजक अशोक सिंह ने कहा कि संगठन लगातार शिक्षक हितों के लिए संघर्षरत है। प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष दिनेश उपाध्याय ने इसे षड्यंत्र करार दिया और एकजुट रहने पर बल दिया। मंत्री राम आशीष मौर्य ने कहा कि अब आंदोलन का समय आ गया है।
इस मौके पर मनोज कुमार श्रीवास्तव, जयशंकर श्रीवास्तव, मंजू लता राय, गौरी सिंह, नीलिमा, अपूर्वा चंदन, पूनम, रागिनी, अरुण कुमार बरनवाल, राजेश कुमार श्रीवास्तव समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।