सुल्तानपुर। टीईटी अनिवार्यता के मुद्दे पर उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ का विरोध मंगलवार को भी जारी रहा। स्थानीय तिकोनिया पार्क में शिक्षकों ने सरकार के कथित दोहरे मापदंड के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए शिक्षकों ने केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री जयंत चौधरी का प्रतीकात्मक पुतला जलाया। पुलिस और शिक्षक नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। पुलिस टीम ने पुतला बुझाकर अपने कब्जे में ले लिया।
संघ के जिला प्रवक्ता निजाम खान ने कहा कि वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्यता को लेकर सरकार के साथ हुई वार्ता और संसद में दिए गए उत्तर में विरोधाभास है। जिससे शिक्षकों में रोष है। जिलाध्यक्ष दिलीप कुमार पांडेय ने कहा कि आवश्यकता पड़ी तो यह लड़ाई जिले से लेकर दिल्ली तक लड़ी जाएगी।
जिला संयुक्त मंत्री प्रशांत पांडेय ने कहा कि टीईटी, सीटीईटी की अनिवार्यता शिक्षकों के साथ धोखा और अपमान है। जिला उपाध्यक्ष विनोद यादव ने बताया कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की धारा-23 तथा एनसीटीई की 23 अगस्त 2010 की अधिसूचना में न्यूनतम योग्यता तय है। 25 वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों को दोबारा परीक्षा के कटघरे में खड़ा करना न्यायसंगत नहीं है। इस मौके पर जिला मंत्री डॉ. हृषिकेश, भानु सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष वीरेंद्र नारायण मिश्र, जिला उपाध्यक्ष विनोद यादव आदि मौजूद रहे।