बल्दीराय। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर जरईकला पास सड़क किनारे खड़े ट्रक से एंबुलेंस की टक्कर में चार लोगों की मौत ने एक्सप्रेसवे की सुरक्षा व्यवस्था को सवालों के घेरे में ला दिया है। रात में छह से अधिक भारी वाहन नियमित रूप से खड़े होते हैं, ऐसे में गश्ती दल की निगरानी और कार्रवाई पर सवाल है। पुलिस ने मामले में अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रविवार को चंडीगढ़ से देवरिया निवासी फौजी सत्यवान सिंह का शव लेकर एंबुलेंस जा रही थी। हलियापुर क्षेत्र के जरईकला के पास एंबुलेंस सड़क किनारे खड़े ट्रक में पीछे से जा भिड़ी थी। हादसे में एंबुलेंस सवार चार लोगों की मौत हो गई। मृतक के भतीजे दरोगा सिंह की तहरीर पर पुलिस ने लापरवाही से वाहन खड़ा करने सहित अन्य धाराओं में अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस की जांच में सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि एंबुलेंस बीच वाली लेन में चल रही थी। हादसे से करीब 100 मीटर पहले वह अचानक लड़खड़ाई और बाईं ओर खड़े ट्रक में पीछे से टकरा गई। टक्कर के बाद ट्रक चालक नीचे उतरा, लेकिन घटना की गंभीरता देखते हुए ट्रक लेकर वहां से चला गया। ट्रक पर राजस्थान का नंबर होने की बात सामने आई है।
नियमों के विपरीत रात में पड़ाव
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर किमी 79.6 से आगे करीब 80 किमी पर टोल प्लाजा की ओर जाने वाली सड़क अलग होती है। इस हिस्से में सड़क कुछ चौड़ी होने के कारण चालक रात में वाहन खड़े कर विश्राम करते हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक यहां ट्रकों से शराब, रिफाइंड समेत अन्य सामान चोरी होने की घटनाएं भी हो चुकी हैं। इसके बावजूद सड़क किनारे खड़े वाहनों को हटाने की प्रभावी कार्रवाई नहीं होना गश्ती व्यवस्था की गंभीर खामी को उजागर करता है।
यूपीडा के सुरक्षा अधिकारी रामचंद्र वर्मा ने बताया कि यूपीडा का सचल दल लगातार निरीक्षण करता है, गश्त को और अधिक तेज करके ट्रकों के ठहराव को पूरी तरह से हटाया जाएगा।