सुल्तानपुर। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव के दौरान आचार संहिता का उल्लंघन करने के आरोप में लंभुआ व कोतवाली देहात थाने में दर्ज मुकदमे में गुरुवार को लंभुआ के भाजपा विधायक देवमणि दुबे ने स्पेशल जज एमपी-एमएलए पीके जयंत की कोर्ट में सरेंडर कर दिया। कोर्ट ने भाजपा विधायक को नियत तिथि पर उपस्थित रहने का निर्देश देते हुए उनकी जमानत अर्जी मंजूर कर रिहा करने का आदेश दिया है। मामले में अगली सुनवाई 20 मार्च को होगी।
भाजपा ने वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में लंभुआ सीट से सूर्यभान पट्टी गांव निवासी देवमणि दुबे को प्रत्याशी बनाया था। उनके खिलाफ 28 जनवरी 2017 को शाहगढ़ कुटीवा में बिना अनुमति के सभा करने के आरोप में फ्लाइंग स्क्वॉयड/नायब तहसीलदार संजय यादव ने आचार संहिता का उल्लंघन करने का मुकदमा दर्ज कराया था।
भाजपा प्रत्याशी देवमणि दुबे और उनके चार नामजद व 30 अज्ञात समर्थकों के खिलाफ दूसरा मुकदमा तीन फरवरी 2017 को कोतवाली देहात थाने में तत्कालीन एसओ आजाद सिंह केशरी ने दर्ज कराया था। इसमें पुलिस ने आरोप लगाया था कि भाजपा प्रत्याशी ने पार्टी के कार्यकर्ता को छुड़ाने के लिए थाने पहुंचकर पुलिस कर्मियों धमकाते हुए बवाल किया था। दोनों मुकदमों की सुनवाई स्पेशल जज एमपी-एमएलए पीके जयंत की कोर्ट में चल रही है।
कोर्ट ने पिछले दिनों अदालत में हाजिर न होने पर भाजपा विधायक देवमणि दुबे के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया था। इसी मामले में गुरुवार को विधायक ने स्पेशल जज एमपी-एमएलए पीके जयंत की कोर्ट में सरेंडर कर दिया। कोर्ट ने भाजपा विधायक को नियत तिथि पर उपस्थित रहने का निर्देश देते हुए उनकी जमानत अर्जी मंजूर कर रिहा करने का आदेश दिया है। मामले में अगली सुनवाई 20 मार्च को होगी।