द्वारिकागंज। किसान सहकारी चीनी मिल में मरम्मत के लिए जारी करोड़ों रुपये की धनराशि के दुरुपयोग और मनमानी संचालन के मामले में शासन ने कार्रवाई की है। मिल के डायरेक्टर की शिकायत सही पाए जाने के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश पर प्रधान प्रबंधक को पद से हटा दिया गया है।
शासन की ओर से चीनी मिल की मरम्मत के लिए करीब डेढ़ करोड़ रुपये जारी किए गए थे। इस धनराशि से पुराने व जर्जर संयंत्रों को हटाकर नए संयंत्र लगाए जाने थे। गन्ना किसानों का आरोप है कि प्रधान प्रबंधक राजेंद्र प्रसाद, चीफ इंजीनियर और चीफ केमिस्ट ने पुराने संयंत्रों पर केवल रंग-रोगन कर उन्हीं के सहारे पेराई शुरू करा दी। जिससे मिल बार-बार खराब होने लगी।
मिल के डायरेक्टर रंग बहादुर सिंह ने मुख्यमंत्री कार्यालय व गन्ना मंत्री से शिकायत की थी। शुक्रवार को प्रबंध निदेशक लखनऊ ईशा दुहान ने प्रभारी जीएम राजेंद्र प्रसाद को पद से हटा दिया। अयोध्या के जिला गन्ना अधिकारी राजेश्वर यादव को किसान सहकारी चीनी मिल का नया प्रधान प्रबंधक नियुक्त किया गया है।
बार-बार बंद हो रही चीनी मिल
द्वारिकागंज। किसान सहकारी चीनी मिल तकनीकी खामियों के चलते बार-बार बंद हो रही है। बृहस्पतिवार रात पावर टरबाइन की पाइप लीक होने से चीनी मिल बंद हो गई। उसे किसी तरह ठीक करने के बाद मिल को शुक्रवार सुबह चालू किया गया। करीब नौ बजे मिल का संचालन फिर बंद हो गया। इंजीनियरिंग विभाग के कर्मियों ने आधे घंटे बाद मिल को चालू कर दिया। अपराह्न करीब तीन बजे चीनी मिल एक बार फिर बंद हो गई। मिल के बंद होने के कारण यार्ड में करीब 130 गन्ना लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां खड़ी हैं। मिल प्रबंधक राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि खराबी दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। संवाद