लंभुआ (सुल्तानपुर)। पांच अगस्त को अयोध्या में प्रस्तावित श्रीराम मंदिर के भूमि पूजन में प्रसिद्घ तीर्थराज धोपाप धाम की मिट्टी समाहित होगी। बृहस्पतिवार को आदि गंगा गोमती का पवित्र जल व धोपाप धाम की मिट्टी लेकर क्षेत्रीय भाजपा विधायक अयोध्या धाम को लेकर रवाना होंगे। अयोध्या रवाना होने से पहले मिट्टी व जल से सुसज्जित रथ का प्रमुख कस्बों में स्वागत किया जाएगा।
बहुप्रतीक्षित श्रीराम मंदिर के भूमि पूजन को लेकर जिले के लोगों में खासा उत्साह है। पौराणिक मान्यता है कि त्रेता युग में रावण वध के बाद पाप से मुक्ति पाने के लिए भगवान श्रीराम ने आदि गंगा गोमती के धोपाप घाट पर स्नान किया था। जिले के इस पौराणिक महत्व वाले तीर्थ स्थान पर करीब 400 साल पहले रानी स्वरूप कुंवरि ने श्रीराम-जानकी मंदिर का निर्माण कराया था।
प्रत्येक गंगा दशहरा को हजारों की संख्या में लोग पुण्य अर्जित करने के लिए धोपाप में डुबकी लगाते हैं। प्रभु श्रीराम से जुड़ाव की वजह से तीर्थराज धोपाप की खासी महत्ता है। बृहस्पतिवार को भाजपा विधायक देवमणि द्विवेदी व उनकी पत्नी सुबह धोपाप धाम पहुंचेंगे। सबसे पहले वे गोमती नदी में स्नान व पूजन-अर्चन करेंगे। फिर यहां कलश में जल भरकर टीले पर मौजूद श्रीराम-जानकी मंदिर में भी पूजन-अर्चन करेंगे।
उसके बाद मंदिर के ठीक सामने की पवित्र मिट्टी भी कलश में भरी जाएगी। सुसज्जित रथ पर पवित्र मिट्टी व जल के कलश रखकर उसे इलाके के प्रमुख कस्बों में ले जाया जाएगा। पहले कोइरीपुर के शिवालय, चांदा के शिव मंदिर, लंभुआ के श्रीराम दरबार मंदिर व हनुमानगंज के शिव मंदिर के सामने मौजूद लोग रथ का स्वागत करेंगे। हनुमानगंज से रथ सीधे अयोध्या के लिए रवाना हो जाएगा।