हाईकोर्ट के आदेश के विरोध में शिक्षामित्रों का प्रदर्शन व कार्य बहिष्कार दूसरे दिन भी जारी रहा। तालाबंदी की घोषणा के बावजूद कई विद्यालय खुले रहे लेकिन शिक्षण कार्य बाधित रहा। लंभुआ एवं मोतिगरपुर के शिक्षामित्रों ने राष्ट्रपति को पत्र भेज सामूहिक इच्छा मृत्यु की मांग की।
उच्च न्यायालय की ओर से शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द करने संबंधी आदेश के बाद जिले में शिक्षामित्रों का कार्य बहिष्कार दूसरे दिन भी जारी रहा। अपने-अपने विद्यालयों में शिक्षण कार्य का बहिष्कार कर शिक्षामित्रों ने बीआरसी पर एकत्र होकर प्रदर्शन किया। मोतिगरपुर में बीआरसी पर प्रदर्शन के बाद शिक्षामित्रों ने राष्ट्रपति को संबोधित पत्र फैक्स से भेजकर सामूहिक इच्छा मृत्यु की अनुमति प्रदान करने की मांग की।
पत्र पर राम शिरोमणि वर्मा, दीप कुमार मिश्र, मंजू त्रिपाठी, अरधेंदु सिंह, रेखा सिंह, अनीता यादव, रोजी सिंह, रंजू सिंह समेत 25 शिक्षामित्रों ने हस्ताक्षर किए। उधर लंभुआ में बीआरसी पर शिक्षामित्रों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद शिक्षामित्रों ने लखनऊ-वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया। इसी दौरान शिक्षामित्रों ने तहसील दिवस से लौट रही जिलाधिकारी अदिति सिंह को राष्ट्रपति को संबोधित इच्छा मृत्यु मांगे जाने से संबंधित ज्ञापन दिया। इस मौके पर बृजेश सिंह, राकेशचंद्र मिश्र, कुंवर कनिष्क प्रताप सिंह, विवेक कुमार सिंह, हेमंत यादव सहित बड़ी संख्या में महिला शिक्षामित्र भी मौजूद रहीं।
अखंडनगर में आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के ब्लाक अध्यक्ष सत्यनारायण यादव की अगुवाई में शिक्षामित्रों ने बीआरसी पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद शिक्षामित्रों ने अखंडनगर चौराहे पर जाम भी किया। धनपतगंज बीआरसी पर जिलाध्यक्ष दिनेश चंद्रा की अगुवाई में कार्य बहिष्कार किया गया जिसमें बड़ी संख्या में शिक्षामित्रों ने हिस्सा लिया। दूबेपुर में प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष बृजेश पांडेय के नेतृत्व में शिक्षामित्रों ने कार्य बहिष्कार किया। भदैंया, दोस्तपुर, कादीपुर, जयसिंहपुर, कूरेभार, बल्दीराय, कुड़वार, पीपी कमैचा, करौंदीकला विकासखंडों में भी दूसरे दिन शिक्षामित्रों का कार्य बहिष्कार जारी रहा।