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पुलिस मुठभेड़ में सात पशु तस्कर गिरफ्तार

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सुल्तानपुर। स्वाट और धनपतगंज थाने की पुलिस ने शुक्रवार रात एक मुठभेड़ के दौरान सात पशु तस्करों को गिरफ्तार किया है।
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आरोपियों के पास एसयूवी, पिकअप, 47 हजार रुपये, सात फोन, तमंचे व औजार बरामद हुए हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी क्षेत्र में छुट्टा घूमने वाले मवेशियों का वध करके उनका मांस लखनऊ के होटलों में बेचते हैं।
एसपी डॉ. विपिन कुमार मिश्र ने बताया कि धनपतगंज क्षेत्र के चंदौर के पास जंगल में वध प्रतिबंधित मवेशियों के क्षत-विक्षत शव मिलने की सूचना पर स्वाट और धनपतगंज थाने के प्रभारी की टीम को शुक्रवार रात छानबीन के लिए भेजा गया।
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पुलिस ने जंगल के पास मौजूद लोगों को घेर लिया। पुलिस कर्मियों से खुद को घिरा देखते ही बदमाशों ने फायरिंग कर दी। फायरिंग में खुद को बचाते हुए पुलिस टीम ने पांच लोगों को पकड़ लिया।
मौके पर ही एक एसयूवी मिली। आरोपियों की निशानदेही पर टीम ने चंदौर से एक किलोमीटर दूर छापा मारकर पिकअप के साथ दो अन्य लोगों को भी गिरफ्तार कर लिया। पिकअप से मवेशियों का वध करने में प्रयुक्त रस्सी के साथ भी औजार भी मिले हैं।
एसपी ने बताया कि आरोपियों की पहचान एजाज, फैजल खान, आगारूही निवासीगण अलीगढ़ अमहट, मोहम्मद मुदस्सिर निवासी लाला का पुरवा कोतवाली नगर, अरमान निवासी मनियारपुर थाना कुड़वार, मेराज अहमद निवासी रसौली मोहल्ला कटरा थाना सफदरगंज और सोनू निवासी मीरापुर थाना कोठी जनपद बाराबंकी के रूप में की गई। आरोपियों ने बताया कि उनका एक सक्रिय है। यह गिरोह छुट्टा घूमने वाले मवेशियों को पकड़ने के बाद उनका वध कर मांस लखनऊ के होटलों में बेचता है। इससे इन्हें मोटी कमाई होती है।
पुलिस ने आरोपियों के पास से दो तमंचे, कारतूस, सात मोबाइल सेट, 47 हजार रुपये के साथ ही एक एसयूवी और पिकअप को बरामद किया है। आरोपियों के पास से बरामद मेराज के मोबाइल फोन की पुलिस जांच कर रही है। स्वाट प्रभारी अजय यादव के मुताबिक मांस खरीदने वाले लखनऊ के होटलों के बारे में पता किया जा रहा है। सूचना मिलते ही कार्रवाई की जाएगी।
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लखनऊ के होटलों में मांस की सप्लाई करता था मेराज : एसपी
एसपी डॉ. विपिन कुमार मिश्र ने बताया कि आरोपियों में बाराबंकी निवासी मेराज और सोनू को प्रतिबंधित मवेशियों के मांस की सप्लाई का जिम्मा सौंपा गया था। दोनों वध प्रतिबंधित मवेशी के मांस को वाहन से लखनऊ पहुंचाते थे। यह गिरोह तीन टीमें बनाकर मवेशियों को निशाना बनाता था। एक टीम मवेशी उठाने के लिए स्थान चिह्नित करती थी। दूसरी टीम मवेशियों को मारने वाले स्थान और तीसरी टीम मांस को लखनऊ ले जाती थी।
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