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140 ग्राम पंचायतों के फिर अनारक्षित रहने की उम्मीद

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सुल्तानपुर। त्रिस्तरीय पंचायत आरक्षण के नए शासनादेश से अभी तक अनारक्षित रह चुकीं करीब 140 ग्राम पंचायतों के फिर बाहर हो जाने की संभवाना बन गई है। एससी व ओबीसी की जनसंख्या के लिहाज से फिर अधिकांश वही ग्राम पंचायतें आरक्षण के दायरे में आ जाएंगी, जो वर्ष 2015 के पहले आरक्षित रह चुकी हैं।
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हालांकि शासन ने आदेश जारी करते हुए सर्वप्रथम आरक्षण का आवंटन उन ग्राम पंचायतों में करने का निर्देश दिया है जो पूर्ववर्ती निर्वाचन में आरक्षित नहीं रहीं।
त्रिस्तरीय पंचायत आरक्षण के नए शासनादेश से अब तक 1995 से अनारक्षित चली आ रहीं करीब 140 ग्राम पंचायतों को आरक्षण के दायरे से फिर एक झटके में तकरीबन बाहर कर दिया है। अनुसूचित जाति व पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या में कमी की वजह से अभी तक बाहर होती आईं इन ग्राम पंचायतों तक इस बार भी आरक्षण की प्रक्रिया नहीं पहुुंच पाएगी।
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इसमें जिले के बल्दीराय, अखंडनगर, कूरेभार, धनपतगंज, जयसिंहपुर, कुड़वार समेत अन्य विकास खंडों की काफी ग्राम पंचायतों को लाभ मिल सकेगा। रिकॉर्ड के मुताबिक इन विकास खंडों में अभी तक बड़ी संख्या में ग्राम पंचायतें 1995 से लागू चक्रानुक्रम आरक्षण व्यवस्था के बाद भी एससी व ओबीसी के आरक्षण से बाहर होती आ रही है।
जनसंख्या के लिहाज से फिर वही अधिकांश ग्राम पंचायतें एससी व ओबीसी के आरक्षण की जद में आ जाएंगी, जो पूर्व में आरक्षण का लाभ पा चुकी हैं। खासकर एससी व ओबीसी के आरक्षण के दायरे में अधिकांश उन ग्राम पंचायतों के आने की संभावना बढ़ गई है जो वर्ष 2000 में इन वर्गों के लिए आरक्षित रही हैं।
नए शासनादेश से ऐसी ग्राम पंचायतों में सामान्य वर्ग के दावेदार अपने दिन बहुरने व आरक्षण की उम्मीद लगाए दावेदारों को फिर झटका लगने की संभावना बढ़ गई है। फिलहाल पंचायतराज विभाग जिला पंचायत सदस्य, ब्लॉक प्रमुख, क्षेत्र पंचायत सदस्य वार्ड व ग्राम प्रधान की प्रस्तावित आरक्षण सूची तैयार करने में जुट गया है। जिला पंचायतराज अधिकारी आरके भारती ने बताया कि इस बार आरक्षण की गाइडलाइन में कुछ बदलाव हुआ है। गाइडलाइन के मुताबिक सूची तैयार की जा रही है।
शासनादेश के तहत सबसे पहले उन ग्राम पंचायतों को आरक्षित किया जाएगा जिसमें एससी व ओबीसी की जनसंख्या अधिक होगी। वर्ष 2015 में एससी व ओबीसी के लिए आरक्षित ग्राम पंचायतों को उस श्रेणी में आरक्षित नहीं किया जाएगा। आरक्षण प्रक्रिया पारदर्शी रखी जाएगी।
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- रवीश गुप्ता, जिलाधिकारी
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