फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

10 साल बाद भी नहीं बन सका जीआईसी पिपरी का नवीन भवन

विज्ञापन
राजकीय विद्यालय पिपरी का पुराना भवन। - फोटो : SULTANPUR
विज्ञापन
सुल्तानपुर। बल्दीराय क्षेत्र के राजकीय इंटर कॉलेज पिपरी को 10 साल बाद भी नया भवन नहीं मिल सका। दो बार ठेकेदार बदलने के बाद भी भवन निर्माण पूरा नहीं हो पाया। इसके चलते कक्षा नौ से 12 तक के विद्यार्थी जर्जर हो रहे पुराने भवन में पढ़ने को मजबूर हैं।
विज्ञापन

जीआईसी पिपरी की शुरुआत पांच जनवरी 1992 को तत्कालीन शिक्षामंत्री राजनाथ सिंह की ओर से की गई थी। पहले यह राजकीय उच्चतर माध्यमिक स्कूल के रूप में खोला गया था। वर्ष 2008 में जिले के तीन राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों को उच्चीकृत कर इंटर कॉलेज बनाया गया। इसमें भदैंया, महराजगंज व पिपरी शामिल हैं। तीनों कॉलेजों के लिए नया भवन बनाने की स्वीकृति जिला योजना से हुई। पीडब्ल्यूडी ने वर्ष 2012 में भवन का निर्माण शुरू कराया। भदैंया व महराजगंज का भवन विद्यालयों को मिल चुका है लेकिन पिपरी इंटर कॉलेज का भवन का निर्माण अभी पूरा नहीं हो पाया है। अब तक दो ठेकेदार बदलने के बाद भी निर्माण की गति रफ्तार नहीं पकड़ पाई।
अब तक जो निर्माण हुआ उसकी गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। छत की बीम से सरिया दिखाई पड़ रही है। प्रधानाचार्य दिवाकर मिश्र ने बताया कि नया भवन नहीं मिलने से कक्षा नौ से 12 तक के बच्चों को पढ़ाई में असुविधा होती है। पुराने भवन के आठ कमरों में पढ़ाई कराई जाती है। नया भवन मिलने पर अध्ययन-अध्यापन में सुविधा होगी। बताया कि भवन निर्माण में दो ठेकेदार काम कर चुके हैं। अब एस्टीमेट रिवाइज करने के लिए भेजा गया है।
विज्ञापन

आवारा पशुओं का ठिकाना बना निर्माणाधीन भवन
जीआईसी पिपरी का निर्माणाधीन भवन आवारा पशुओं का आशियाना बना है। बड़ी संख्या में पशु भवन में रुकते और गंदगी करते हैं। दिन में भी पशुओं का आवागमन रहता है। इससे कॉलेज के विद्यार्थियों को खतरा बना रहता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें