उच्च प्राथमिक विद्यालय दरपीपुर का निर्माणाधीन भवन
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सुल्तानपुर। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की जद में आने के बाद ध्वस्त किए गए पांच परिषदीय विद्यालयों को तीन साल बाद भी अपना भवन नसीब नहीं हो सका है। हालत यह है कि विभागीय अधिकारी अभी तक दो विद्यालयों के लिए भूमि की तलाश तक नहीं कर सके हैं। वहीं, तीन विद्यालयों का निर्माण कार्य अधूरा है। इन विद्यालयों के बच्चों को दूसरे स्कूलों में पढ़ाई करनी पड़ रही है।
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की जद में आए पांच परिषदीय विद्यालयों को ध्वस्त कर दिया गया था। इसमें से चार प्राथमिक विद्यालय व एक उच्च प्राथमिक विद्यालय शामिल था। धनपतगंज के प्राथमिक विद्यालय पूरे मधुकरा, अखंडनगर के प्राथमिक विद्यालय रानीगंज व जयसिंहपुर के उच्च प्राथमिक विद्यालय दरपीपुर (सबई) का निर्माण चल रहा है। प्राथमिक विद्यालयों के निर्माण के लिए 59.13 लाख रुपये तथा उच्च प्राथमिक विद्यालयों के निर्माण के लिए 64.91 लाख रुपये धनराशि स्वीकृत की गई थी। इसमें से दो प्राथमिक विद्यालयों को 28 लाख 49 हजार 500 तथा उच्च प्राथमिक विद्यालय को 22,81,500 रुपये अवमुक्त किए गए हैं।
कार्यदायी संस्था की ओर से विद्यालय निर्माण छत स्तर तक पहुंच गया है। धनराशि की दूसरी किस्त नहीं मिलने की वजह से निर्माण कार्य ठप है। विद्यालयों का निर्माण नहीं होने की वजह से छात्र-छात्राओं को दूसरे विद्यालयों में शिक्षण के लिए जाना पड़ता है। संबंधित प्रधानाध्यापकों की ओर से उच्चाधिकारियों को कई बार पत्र लिखा गया है लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। बीएसए दीवान सिंह यादव ने बताया कि निर्माणाधीन तीन परिषदीय विद्यालयों के लिए दूसरी किस्त के रूप में धनराशि की मांग की गई है। जल्द ही धनराशि मिलने की उम्मीद है। धनराशि मिलते ही निर्माण कार्य में तेजी आएगी।
दो विद्यालयों में नहीं शुरू हो सका काम
ध्वस्त किए गए दो विद्यालयों में जमीन की कमी की वजह से निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। दोस्तपुर क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय खालिसपुर दुर्गा (गोडा) तथा प्राथमिक विद्यालय गोविंदपुर में स्कूल के भवन का निर्माण अभी तक नहीं शुरू हो पाया है। दोनों गांव में पर्याप्त जमीन प्रशासन को खोजे नहीं मिल रही है। गोडा प्राथमिक विद्यालय भवन निर्माण के लिए दो मंजिला इमारत की ड्राइंग स्वीकृत कराने के लिए बीएसए के स्तर से बेसिक शिक्षा निदेशक को पत्र लिखा गया था लेकिन अभी तक उस पर भी कोई काम नहीं हुआ है।