सुल्तानपुर। दो सालों में जिले के 48 विद्यालय बंद हो गए। इसमें प्राइमरी व जूनियर स्तर के वित्तविहीन विद्यालय शामिल हैं। स्कूल शिक्षा की महानिदेशक अनामिका सिंह ने स्थायी रूप से बंद विद्यालयों के संबंध में की गई कार्रवाई की सूचना मंगाई है। बेसिक शिक्षा विभाग लंबे समय से बंद विद्यालयों की मान्यता प्रत्याहरण की कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
जिले के कई ब्लॉकों में संचालित 48 वित्तविहीन प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में ताला लटक गया है। कुछ विद्यालय छात्र संख्या के अभाव में बंद हो गए हैं तो कुछ कोरोना काल में उपजी विपरीत परिस्थितियों को झेल नहीं पाए। वहीं कुछ विद्यालय ऐसे हैं, जिन्होंने सीबीएसई बोर्ड से मान्यता लेने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग का यू-डॉयस पोर्टल का प्रयोग करना बंद कर दिया है।
स्कूल शिक्षा की महानिदेशक अनामिका सिंह ने यू-डॉयस पोर्टल पर बंद, स्थायी रूप से बंद तथा डीसीएफ प्राप्त नहीं कॉलम में अंकित शैक्षिक संस्थाओं के विरुद्ध की गई कार्रवाई की सूचना बीएसए से मांगी थी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी दीवान सिंह यादव ने खंड शिक्षाधिकारियों से विद्यालयवार सूचना मंगाई गई है। सूचनाओं को संकलित कर उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा। साथ ही संबंधित विद्यालयों के मान्यता प्रत्याहरण की कार्रवाई की जाएगी।
कादीपुर ब्लॉक में सर्वाधिक 11 विद्यालय हुए बंद
बल्दीराय में आठ विद्यालय, भदैंया में एक विद्यालय, धनपतगंज में तीन विद्यालय, दोस्तपुर में तीन विद्यालय, दूबेपुर में चार विद्यालय, कादीपुर में 11 विद्यालय, करौंदीकलां में चार विद्यालय, कूरेभार में एक विद्यालय, लंभुआ में दो विद्यालय, कुड़वार में एक विद्यालय, मोतिगरपुर में चार विद्यालय, प्रतापपुर कमैचा में पांच विद्यालय व नगर क्षेत्र में एक विद्यालय स्थायी रूप से बंद हो गया है।