सुल्तानपुर/गौरीगंज। हाईकोर्ट की ओर से प्रकाशित अनंतिम आरक्षण सूची रद किए जाने से पंचायत चुनाव लड़ने की तैयारी में जुटे दावेदारों के लाखों रुपये डूब गए।
कोर्ट की ओर से वर्ष 2015 के शासनादेश के तहत आरक्षण प्रक्रिया शुरू करने के आदेश से अधिकतर दावेदारों को तगड़ा झटका लगा है।
ऐसे दावेदारों के पोस्टर, पंफ्लेट, होर्डिंग्स व बैनर समेत अन्य प्रचार के संसाधनों में लाखों रुपये खर्च हो गए हैं। अब आरक्षण में परिवर्तन की दशा में कुछ लोगों को नए सिरे से वार्ड तलाशना होगा, जबकि कुछ के चुनाव लड़ने की मंशा पर ही पानी फिर जाएगा। फिलहाल लोग अब नए शासनादेश पर नजर लगाए हैं।
तीन मार्च को प्रशासन ने जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्राम पंचायत सदस्य वार्ड व ग्राम प्रधान पदों के आरक्षण की अनंतिम सूची जारी कर दी थी।
इसके बाद जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत के वार्डों व ग्राम पंचायतों में प्रधानों पद के दावेदारों ने प्रचार शुरू कर दिया था। प्रचार में एक दूसरे से बढ़त बनाने की होड़ में बड़ी संख्या में विभिन्न पदों के दावेदारों ने होर्डिंग्स, बैनर, पोस्टर, पंफ्लेट व अन्य प्रचार सामग्री बनवा ली थी।
इसके साथ ही दावेदार लगातार जनसंपर्क में लगे थे। हालांकि कुछ दावेदारों ने काफी पहले से ही क्षेत्र में सक्रियता बढ़ाते हुए प्रचार शुरू कर दिया था लेकिन अनंतिम आरक्षण सूची जारी होने के बाद 10 दिनों के बीच दावेदारों के प्रचार में लाखों रुपये फुंक गए।
खासकर जिला पंचायत सदस्य पदों पर कई लाख तो प्रधान पदों पर प्रचार में हजारों रुपये दावेदार खर्च कर चुके हैं। मजे की बात यह है कि खर्च की सीमा तय होने के कारण कोई यह भी कहने की स्थिति में नहीं है कि उसने अब तक कितना खर्च कर डाला है।
अब हाईकोर्ट के आदेश से ऐसे दावेदारों को तगड़ा झटका लग गया है। आरक्षण पर नए आदेश से कुछ को केवल पैसा जाने का डर सता रहा तो कुछ को मैदान से ही बाहर होने का खतरा दिखाई पड़ रहा है। फिलहाल सोमवार को प्रचार से मैदान तकरीबन सूना हो गया। अब दावेदार शासन से जारी होने वाले नए आदेश पर नजर गड़ाए हैं।
दावेदारों ने कहा, बदलाव पर होगा नुकसान
सुल्तानपुर। जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष ऊषा सिंह फिर 27 नंबर वार्ड से मैदान में हैं। अध्यक्ष पद पाने के लिए वे रिस्क उठाने को तैयार नहीं है।
खतरे की गुंजाइश न रहे इसके लिए उन्होंने अपने पति शिवकुमार सिंह को भी मैदान में 25 नंबर वार्ड से उतार दिया है। दोनों दावेदार प्रचार में अब तक बड़ी संख्या में क्षेत्र में प्रचार सामग्री लगवा चुके हैं। साथ ही रोज जनसंपर्क कर रहे हैं।
वार्ड संख्या 30 ओबीसी के लिए आरक्षित होने पर राघवेंद्र प्रकाश द्विवेदी अपने एक साथी कान्हा यादव को मैदान में उतार कर प्रचार कर रहे थे। राघवेंद्र द्विवेदी ने बताया कि अब तक प्रचार में हजारों रुपया खर्च हो चुका है।
बबिता अखिलेश तिवारी भी डीडीसी चुनाव लड़ने के लिए लगातार विभिन्न माध्यमों से प्रचार में जुटी हैं। इसी तरह अन्य दावेदार भी कई लाख रुपया खर्च कर चुके हैं। अब आरक्षण में बदलाव होने पर ऐसे लोगों का पैसा पानी में डूब जाएगा।
प्रचार पर खर्च हुई काफी धनराशि
गौरीगंज। जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर निगाह लगाए गौरीगंज सपा विधायक राकेश प्रताप सिंह अपनी पत्नी व भाई समेत एक दर्जन जिला पंचायत सदस्य की सीटों पर अपने प्रत्याशी उतार चुके हैं।
विभिन्न वार्डों में सपा विधायक अपने भाई व पत्नी के प्रचार में पोस्टर, होर्डिंग्स, पंफ्लेट व फ्लैक्सी भी क्षेत्र में लगवा चुके हैं। बताया कि प्रचार व जनसंपर्क में काफी पैसा खर्च हो चुका है।
इसी तरह जगदीशपुर के जिला पंचायत सदस्य वार्ड में राकेश विक्रम सिंह मैदान में उतर चुके हैं। प्रचार में उन्होंने भी बैनर, फ्लैक्सी, पोस्टर व होर्डिंग्स लगवा दी है। जारी आरक्षण निरस्त होने से अब धनराशि डूबने की आशंका है।