12 सितंबर को लखनऊ में परिवहन कर्मचारी पर कथित तौर पर झूठा आरोप लगाकर प्राथमिकी दर्ज कराने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। केस के विरोध में उत्तर प्रदेश संभागीय परिवहन कर्मचारी संघ के बैनर तले सोमवार को शहर स्थित एआरटीओ कार्यालय के सभी कर्मचारी काम बंद कर हड़ताल पर चले गए। अचानक कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से जहां कार्यालय में सन्नाटा पसरा रहा, वहीं काम के सिलसिले में पहुंचे तमाम लोगों को निराश होकर वापस जाना पड़ा।
लखनऊ के ट्रांसपोर्ट नगर में संभागीय परिवहन विभाग के कर्मचारी पर बीते 12 सितंबर को लूट की प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इसके बाद प्रांतीय संगठन के पदाधिकारियों ने बैठक कर परिवहन आयुक्त से मुलाकात कर दर्ज कराए गए झूठे मुकदमे को वापस लेने की मांग की थी। संगठन की ओर से 15 सितंबर तक मुकदमा वापस नहीं लेने पर हड़ताल का अल्टीमेटम दिया था।
15 सितंबर तक मांग पूरा नहीं होने पर प्रदेश अध्यक्ष सरफराज ने प्रदेश की सभी जनपद इकाइयों को बेमियादी हड़ताल पर जाने का निर्देश दिया था। इसी क्रम में सोमवार को एआरटीओ कार्यालय के सभी कर्मचारी भी काम बंद कर बेमियादी हड़ताल पर चले गए। अचानक काम बंद होने से न सिर्फ कार्यालय में सन्नाटा पसरा रहा बल्कि दूर दराज के गांवों से एआरटीओ कार्यालय आए लोगों को मायूस होकर वापस जाना पड़ा। कर्मचारियों ने बताया कि हड़ताल अनिश्चित कालीन है। प्रांतीय नेतृत्व का निर्देश मिलने के बाद ही वे काम पर वापस लौटेंगे।