सुल्तानपुर रोडवेज स्टेशन पर खड़ीं बसें। संवाद
सुल्तानपुर। स्थानीय रोडवेज स्टेशन से शाम होते ही पड़ोसी जिलों अमेठी, रायबरेली व अंबेडकरनगर की यात्रा करने के लिए बसें नहीं मिलती हैं। इन रूटों पर ट्रेन की सुविधा भी नहीं है। मजबूरी में यात्रियों को डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ता है।
स्थानीय डिपो में इस समय निगम की 85 व अनुबंधित 64 बसें हैं। अयोध्या, प्रयागराज, आजमगढ़, बहराइच, लखनऊ व वाराणसी आदि रूटों पर तो दिन-रात बसें दौड़ती हैं लेकिन बगल के जिला अमेठी (गौरीगंज), रायबरेली व अंबेडकरनगर के लिए शाम छह बजे के बाद रोडवेज की बसें नहीं चलती हैं। इससे यात्रियों को बहुत दिक्कत होती है।
इन रूटों पर सफर करने के लिए मजबूरी में यात्रियों को प्राइवेट वाहनों का सहारा लेना पड़ता है। इन जिलों से नियमित सवारियां भी मिलती हैं लेकिन शाम छह बजे के बाद बसें नहीं चलाई जा रही हैं। मौजूदा समय में चालकों की कमी के चलते प्रतिदिन 10 से अधिक बसे नहीं चलाई जाती हैं।
40 नई बसें स्थानीय डिपो को मिलने वाली हैं। चालकों की भर्ती चल रही है। चालकों की संख्या पर्याप्त हो जाने पर ये बसें डिपो में आ जाएंगी तो उम्मीद है कि इन रूटों पर रात को भी बसें संचालित होने लगेंगी।
नई बसें आने का इंतजार
स्थानीय डिपो से अमेठी के लिए बसें नहीं चलतीं। रायबरेली व अंबेडकरनगर के लिए पांच-पांच बसें चल रही हैं। स्थानीय डिपो में 20 छोटी बसें आने वाली हैं जिसके बाद इन रूटों पर बसों की संख्या बढ़ा दी जाएगी।
-योगेश कुमार शुक्ला, एआरएम