मेडिकल कॉलेज के दवा काउंटर पर लगी मरीजों व तीमारदारों की भीड़। -संवाद
सुल्तानपुर। इन दिनों पड़ रही भीषण गर्मी व उमस से मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में उल्टी-दस्त और बेचैनी के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। सोमवार को 1952 नए मरीजों ने पंजीयन कराया, जबकि 1500 से अधिक पुराने मरीज आए। 3452 मरीजों का इलाज करने में चिकित्सकों के पसीने छूट गए। इनमें से ज्यादातर मरीज गर्मी से संबंधित बीमारियों से पीड़ित रहे।
इलाज कराने आए मरीजों को उल्टी-दस्त, पानी की कमी और बेचैनी जैसी शिकायतें थीं। भीड़ अधिक होने से मरीजों व तीमारदारों को इलाज और दवा लेने में घंटों लग गए। फिजिशियन व सीएमएस अविनाश चंद्र गुप्ता ने बताया कि उमस बढ़ने से उल्टी-दस्त, पेट दर्द और फूड पॉयजनिंग हो रही है। पानी की कमी व चक्कर आने और बेचैनी से नींद भी प्रभावित हो रही है। अधिक पसीना निकलने पर रक्तचाप भी कम हो रहा है।
मेडिकल कॉलेज में मरीजों की बढ़ती संख्या एक बड़ी चुनौती बन गई है। ओपीडी और इमरजेंसी दोनों में भारी भीड़ देखी गई। मरीजों को अपनी बारी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। इलाज के बाद दवा लेने में भी काफी समय लगा। चिकित्सकों पर मरीजों को संभालने का दबाव बढ़ गया है।
सीएमएस व फिजिशियन डॉ. अविनाश चंद्र गुप्ता ने बताया कि इमरजेंसी में तैनात चिकित्सकों को अलर्ट कर दिया गया है। गंभीर हालत वाले मरीजों को तुरंत भर्ती करने के निर्देश दिए गए हैं।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. श्यामकरन ने बताया कि बच्चों को रात में तला हुआ और मैदे से बना भोजन न दें। दाल, चपाती, हरी सब्जी व सलाद खिलाएं। छाछ, लस्सी, आम का पना, नींबू पानी व शिकंजी पिलाएं। बच्चों को रात में सूती और ढीले कपड़े पहनाएं।