सुल्तानपुर। राज्य सूचना आयोग ने विभिन्न प्रकरणों में समय से आवेदकों को सूचना नहीं उपलब्ध कराने पर 53 अधिकारियों पर अर्थदंड लगाया है। आयोग के वसूली के आदेश पर सिर्फ 10 अधिकारियों से किस्तों में वसूली हो रही है। 43 अधिकारियों से अभी तक अर्थदंड की वसूली नहीं शुरू हो सकी है। राज्य सूचना आयुक्त ने इन अधिकारियों से भी जल्द अर्थदंड की वसूली करने का निर्देश दिया है।
कलेक्ट्रेट में प्रेसवार्ता के दौरान राज्य सूचना आयुक्त अजय कुमार उप्रेती ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आयोग में मौजूूदा समय में 52,285 प्रकरण जनसूचना अधिकार अधिनियम के दर्ज हैं। इन प्रकरणों में वादी व प्रतिवादी को तलब कर सुनवाई चल रही है। आवेदकों को समय से सूचना नहीं देने एवं दौड़ाने के प्रकरणों को आयोग गंभीरता से ले रहा है। ऐसा प्रकरण सामने आने पर आयोग अधिकारियों पर अर्थदंड लगाने के साथ ही विभागीय कार्रवाई के लिए भी संबंधित विभाग को निर्देश दे रहा है।
सेवानिवृत्त अधिकारियों से उनके पेंशन से वसूली होगी। उन्होंने बताया कि मार्च से अब 100 प्रकरणों का निस्तारण हो चुका है। कहा कि जनसूचना अधिकार अधिनियम के तहत 500 शब्द से अधिक बड़ा आवेदन नहीं होना चाहिए। नोडल अधिकारी के बाद प्रथम अपीलीय अधिकारी से जनसूचना नहीं मिलने पर 30 दिन बाद आयोग में शिकायत की जा सकती है। आयोग सुनवाई के बाद उस पर अपना निर्णय देता है। आयोग की मंशा आवेदकों को न्याय दिलाना है।