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परिवारीजनों ने बीडीसी के शव का अंतिम संस्कार करने से किया इंकार

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सुल्तानपुर। सुरौली पांडेयपुर गांव में दो पक्षों के बीच विवाद सुलझाने पहुंचे बीडीसी की हत्या के विरोध में बुधवार को परिवारीजन व ग्रामीण आक्रोशित हो गए। परिवारीजन मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी, परिवार को आर्थिक सहायता के साथ ही सुरक्षा के लिए शस्त्र की मांग करते हुए शव का अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया।
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जानकारी मिलते ही एडीएम प्रशासन, एएसपी ग्रामीण अन्य अधिकारियों के साथ गांव पहुंचे और परिवारीजनों की मांग को गंभीरता से लेते हुए कहा कि पत्नी को नौकरी देने के नाम पर विचार किया जाएगा। एडीएम के आश्वासन पर दोपहर में शव को गांव के समीप नदी किनारे घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया।
गोसाईगंज थाना क्षेत्र के सुरौली पांडेयपुर गांव निवासी मनोज पांडेय का गांव के ही देव नारायण पांडेय से भूमि विवाद चल रहा है। मनोज पांडेय ने अपना खेत सुरौली पांडेयपुर गांव के ही अवधेश पांडेय को रेहन पर दे दिया था।
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मंगलवार की सुबह अवधेश पांडेय खेत की जुताई करने पहुंचे थे, जहां पर देव नारायण पांडेय का बेटा विक्की उर्फ श्रीकांत, संजय पांडेय, राजेश पांडेय, जगन्नाथ यादव समेत कई लोगों ने विरोध किया था।
दोनों पक्षों के बीच दरोगा संजय प्रसाद व सिपाही के साथ विवाद सुलझाने पहुंचे बीडीसी आशुतोष मिश्र पर फायरिंग कर दी गई थी। पहले से असलहा और धारदार हथियार से लैस संजय पांडेय आदि ने आशुतोष पर धारदार हथियार से भी हमला किया था।
हमले में सौरभ और अवधेश पांडेय का भाई दुर्गेश पांडेय भी घायल हो गया था। पुलिस ने बीडीसी के पिता शिव शंकर मिश्र की तहरीर पर राजेश पांडेय उर्फ कल्लू, संजय पांडेय, श्रीकांत पांडेय उर्फ विक्की, जगन्नाथ यादव, सुनील यादव, सुरेंद्र यादव, रज्जन यादव के खिलाफ बलवा, जानलेवा हमला, हत्या समेत कई अन्य धाराओं में केस दर्ज किया था।
पुलिस ने रात में ही संजय पांडेय, श्रीकांत पांडेय और राजेश पांडेय को गिरफ्तार कर लिया था। बुधवार की सुबह बीडीसी के घर पर सैकड़ों लोगों का तांता लग गया। इस बीच परिवारीजन बीडीसी की पत्नी प्रतिमा को सरकारी नौकरी, आर्थिक मदद के साथ ही परिवारीजनों को शस्त्र लाइसेंस देने की मांग पर अड़ गए।
लोगों की मांग थी कि डीएम व एसपी मौके पर पहुंचे और उनकी मांगों को पूरा करें, नहीं तो शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। सूचना के बाद एडीएम प्रशासन हर्षदेव पांडेय, एएसपी ग्रामीण शिवराज, एसडीएम जयसिंहपुर राम अवतार, सीओ लंभुआ विजय मल्ल पुलिस के साथ गांव पहुंच गए।
एडीएम प्रशासन ने परिवारीजनों को समझाते हुए कहा कि पत्नी को सरकारी नौकरी पर विचार करेंगे और बीडीसी को कृषक योजना के तहत आर्थिक मदद दी जाएगी। परिवारीजनों को शस्त्र लाइसेंस तत्काल दिया जाएगा।
एडीएम के आश्वासन पर परिवारीजन करीब 12 बजे शव का अंतिम संस्कार करने के लिए राजी हो गए। अधिकारियों की मौजूदगी में घर वालों ने शव का गांव के बाहर गोमती नदी घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया।
सुरौली पांडेयपुर गांव में दरोगा संजय प्रसाद व सिपाही दीपक यादव की मौजूदगी में की गई बीडीसी की हत्या के मामले में एसपी हिमांशु कुमार ने दोनों पुलिस कर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। इसकी पुष्टि सुरौली पांडेयपुर गांव पहुंचे एएसपी ग्रामीण शिवराज ने की है।
सुरौली पांडेयपुर गांव निवासी बीडीसी आशुतोष मिश्र के घर पर बुधवार की सुबह से ही जनप्रतिनिधियों का तांता लगना शुरू हो गया। लंभुआ विधायक देवमणि दूबे, सांसद प्रतिनिधि रनजीत कुमार, भाजयुमो के मोहित सिंह समेत कई नेता मौजूद रहे।
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