सुल्तानपुर। खरीफ सीजन में किसानों को उर्वरक की समस्या पर अमर उजाला प्रकाशित खबरों को शासन ने संज्ञान में लिया। शासन के निर्देश पर गठित टीम ने बुधवार को जिले की सभी तहसीलों में उर्वरक की दुकानों पर छापा मारा। पांच उर्वरक विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई। साथ ही अन्य को निर्धारित दाम पर उर्वरक की बिक्री करने का निर्देश दिया गया।
तहसील सदर में जिला कृषि अधिकारी सदानंद चौधरी, सहायक आयुक्त और सहायक निबंधक सहकारिता ने 14 उर्वरक दुकानों का निरीक्षण किया। जांच में पांच नमूने संग्रहीत किए गए। नारायण ट्रेडर्स सौरमऊ, अशोक ब्रदर्स अहिमाने और बी-पैक्स पकड़ी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। लंभुआ में उप कृषि निदेशक रामाश्रय यादव और पशुपालन विभाग की टीम ने दुकानों का निरीक्षण उन्हें उचित दर पर बिक्री के निर्देश दिए गए।
तहसील बल्दीराय में भूमि संरक्षण अधिकारी प्यारे लाल के नेतृत्व में टीम ने आठ उर्वरक दुकानों पर छापा मारा। दो नमूने संग्रहीत किए गए। अपर जिला कृषि अधिकारी सत्येंद्र कुमार की ओर से गठित टीम ने तहसील कादीपुर और जयसिंहपुर में 24 दुकानों का निरीक्षण किया। टीम की ओर से आठ नमूने संग्रहीत किए गए।
रासायनिक उर्वरकों के साथ किसी भी तरह की टैगिंग न करें : एडीएम
सुल्तानपुर। अपर जिलाधिकारी वित्त/राजस्व एस. सुधाकरन ने बुधवार शाम कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों के साथ ही उर्वरक कंपनी के प्रतिनिधियों और थोक उर्वरक विक्रेताओं के साथ बैठक की। अपर जिलाधिकारी ने सभी कंपनियों को हिदायत दी कि वह रासायनिक उर्वरकों के साथ किसी भी तरह की टैगिंग न करें। यदि टैगिंग की शिकायत मिली तो संबंधित के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराते हुए उन्हें ब्लैकलिस्टेड किया जाएगा।
थोक विक्रेताओं को निर्देश दिया कि ओवररेटिंग अथवा टैगिंग का मामला प्रकाश में आता है तो उनकी जिम्मेदारी निर्धारित कर लाइसेंस निरस्त किया जाएगा। किसानों को ई-पॉश मशीन से निकलने वाली रसीद भी देनी पड़ेगी। यदि ऐसा नहीं किया जाता तो उनका लाइसेंस निरस्त किया जाएगा। बैठक में कुल 32 लोगों ने प्रतिभाग किया। संवाद