सुल्तानपुर। कृषि कानून के विरोध में बृहस्पतिवार को अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति ने प्रदर्शन किया। शहर के बस स्टेशन स्थित आजाद पार्क के पास किसान कानून की प्रतियां जलाकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। संगठन ने आगामी 10 दिसंबर तक आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया है।
किसान आंदोलन के समर्थन में बृहस्पतिवार को अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के नेतृत्व में किसानों ने आजाद पार्क के सामने तीनों कानूनों की प्रतियां जलाकर प्रदर्शन किया। समिति के जिला संयोजक शारदा प्रसाद पांडेय ने कहा कि आंदोलन के समर्थन में 10 दिसंबर तक लगातार विरोध कार्यवाहियां जारी रहेंगी।
शनिवार को पूरे जनपद में मोदी और अंबानी-अडानी के पुतले गांवों में फूंके जाएंगे। बाबूराम यादव ने कहा कि सरकार अपनी हठधर्मिता छोड़ने को तैयार नहीं है। किसान नेता रामप्यारे वर्मा ने कहा कि देश के अन्नदाता के साथ यह धोखेबाजी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राधेश्याम वर्मा ने कहा कि यह लड़ाई जारी रहेगी।
सरकार को किसानों की बात माननी पड़ेगी। ये तीनों कानून सरकार बिना शर्त वापस ले। आंदोलन के समर्थन में एसएफआई के प्रदेश अध्यक्ष विवेक विक्रम ने कहा कि यह सरकार किसान विरोधी ही नहीं, बल्कि छात्र-नौजवान और मजदूर विरोधी भी है। किसानों का आंदोलन सरकार की तानाशाही के खिलाफ एक चेतावनी है।
आंदोलन का समर्थन एआईएसएफ से आकाश, एसएफआई से राजीव तिवारी, अखंड प्रताप सिंह, डीवाईएफआई से शशांक पांडेय, जगदंबा तिवारी, प्रभात सिंह ने किया। प्रदर्शन में राजबहादुर यादव, श्रीकृष्ण बरनवाल, रामनाथ यादव, रमेश यादव, रामनेवाज, सुरेंद्र, अब्दुल लतीफ, अशोक कुमार पांडेय, ब्रिंदा पाठक, जवाहरलाल मौजूद रहे।