अमेठी। लखनऊ से प्रयाग के बीच संचालित पीआरएल पैसेंजर प्रतिदिन तीन से पांच घंटे विलंब से चल रही है। सभी स्टेशन पर ठहराव वाली इस ट्रेन के लगातार विलंब से संचालित होने के कारण न सिर्फ यात्रियों को परेशानी बल्कि विभाग को आर्थिक क्षति भी झेलनी पड़ रही है।
गौरीगंज रेलवे स्टेशन के साथ ही लखनऊ-प्रतापगढ़-प्रयाग रेल ट्रैक पर पडने वाले सभी छोटे-बड़े स्टेशनों पर ठहराव के साथ प्रयाग तक संचालित होने वाली लखनऊ-प्रयाग पैसेंजर जिम्मेदारों की मनमानी का शिकार हो गई है।
लखनऊ से प्रयाग के बीच आठ घंटे में संचालित होने वाली यह ट्रेन प्रति दिन तीन से पांच घंटे विलंब से संचालित हो रही है। सभी स्टेशनों पर ठहराव के साथ प्रयाग के लिए यही एकमात्र ट्रेन है। ट्रेन के विलंब से होने से यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
डाउन ट्रेन से यात्रा करने के लिए यात्रियों को घंटों प्रतीक्षा करना पड़ रही है तो अप ट्रेन से रात में स्टेशन पहुंचने पर गंतव्य के लिए साधन नहीं मिलने से परेशानी झेलनी पड़ रही है। इतना ही नहीं ट्रेनों की जानकारी हासिल करने के लिए बार-बार पूछताछ करने के दौरान यात्रियों का स्टेशन कर्मियों से विवाद भी होता रहता है।
ट्रेन के विलंब से संचालित होने से विभाग को भी आर्थिक क्षति झेलनी पड़ रही है। स्टेशन मास्टर प्रवीण सिंह ने लखनऊ-प्रयाग अप/डाउन पीआरएल पैसेेंजर के प्रतिदिन विलंब से संचालित होने की पुष्टि की है।