सुल्तानपुर। मेहनत व लगन से सफलता मिलती है, इसकी सार्थकता सिद्ध करती हैं कुड़वार की बहुबरा निवासी प्रियांशी यादव ने। प्रियांशी गांव की पगडंडी से होते हुए आज राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी बनकर उभरी हैं। राजस्थान में होने वाली राष्ट्रीय जूनियर वॉलीबाॅल चैंपियनशिप में इनका चयन हो गया है। ये उन बालिकाओं के लिए भी मिसाल हैं, जो संसाधनों का अभाव बताकर पढ़ाई-लिखाई छोड़ देती हैं और खेल से दूरी बना लेती हैं।
बहुबरा गांव की रहने वाली प्रियांशी के पिता राम नायक यादव किसान हैं। तीन बहन व चार भाईयों में वे तीसरे नंबर की हैं। बचपन से पढ़ाई के साथ खेल में रुचि रखती थीं। गांव के मैदान में खुद वॉलीबॉल का अभ्यास शुरू किया। एक से पांच तक गांव के एक निजी विद्यालय में दाखिला लिया। इसके बाद छह से आठ की पढ़ाई के लिए शहर के करौंदिया स्थित परिषदीय विद्यालय में प्रवेश लिया।
यहां पर भी विद्यालयी खेल प्रतियोगिता में प्रतिभाग करती रहीं। शहर के ही रामकली बालिका इंटर कॉलेज में पढ़ाई शुरू की। लड़की होने से उन्हें लोगों के ताने भी सुनने पड़े। इसके सबके बावजूद विद्यालय की कोच शशिकला मौर्या ने उनके हुनर को तराशा। यहीं से विद्यालयी प्रतियोगिता में मौका मिला। स्नातक की पढ़ाई के लिए जब राणा प्रताप पीजी कॉलेज में प्रवेश लिया, तो यहीं से स्टेडियम में अभ्यास करना शुरू कर दिया। तीन साल से स्टेडियम कोच प्रदीप की देखरेख में प्रशिक्षण शुरू किया। खेल में बेहतर प्रदर्शन को देखते हुए जिला वॉलीबाल संघ सुल्तानपुर ने जिले से जूनियर ट्रायल के लिए कानपुर भेजा। 10 दिसंबर को कानपुर में हुए ट्रायल में इनका चयन हो गया। अब प्रियांशी भारतीय वॉलीबाॅल संघ की ओर से 16 से 31 दिसंबर को राजस्थान में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय जूनियर वॉलीबाल चैंपियनशिप में प्रतिभाग करेंगी।