सुल्तानपुर। पुस्तकालय एवं खेल अनुदान में मिली धनराशि में परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों ने काफी अनियमितताएं की हैं।
कहीं पुस्तकालय अनुदान से बगैर पाठ्य पुस्तक खरीद के ही पैसा खर्च कर दिया गया है तो कहीं खेल अनुदान में घटिया क्वालिटी के सामान खरीदे गए हैं।
जांच टीमें दोनों मदों में खरीदे गए सामानों पर अपनी रिपोर्ट तैयार कर रही हैं।
जिले के 1735 प्राथमिक विद्यालय एवं 612 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पुस्तकालय अनुदान एवं स्पोर्ट्स अनुदान के तहत दो करोड़ 95 लाख 90 हजार रुपये भेजे गए थे।
इसमें प्राथमिक विद्यालय में 10 हजार एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय में 20 हजार रुपये प्रेषित किए गए थे। पुस्तकालय के मद में भेजी गई धनराशि से एनसीईआरटी और राजकीय प्रकाशन की पुस्तकें खरीदी जानी थी लेकिन कई विद्यालयों ने अपने हिसाब से पुस्तकें खरीद डालीं।
वहीं कई विद्यालय ऐसे हैं, जिन्होंने पैसा तो खर्च कर लिया लेकिन किताबें नहीं खरीदीं। स्पोर्ट्स अनुदान में मिली धनराशि से वॉलीबाल, फुटबाल, बल्ला, गेंद, कैरम बोर्ड, नेट समेत अन्य सामग्रियां खरीदी जानी थी।
खरीदे जाने वाले सामान गुणवत्तायुक्त चाहिए थे, पर अधिकतर विद्यालयों ने घटिया क्वालिटी के सामान खरीदकर पैसा खर्च होना दिखा दिया।
जिला समन्वयक प्रशिक्षण डॉ. शरद सिंह ने सोमवार को लंभुआ के प्राथमिक विद्यालय मदनपुर पनियार का निरीक्षण किया, जहां स्पोर्ट्स के सामान गुणवत्तायुक्त नहीं मिले।
वहीं प्राथमिक विद्यालय नरेंद्रापुर में पुस्तकालय अनुदान के तहत किताबें नहीं खरीदी गईं। उच्च प्राथमिक विद्यालय नरेंद्रापुर में भी पुस्तकालय अनुदान की पाठ्य पुस्तकें नहीं खरीदी गईं।
पुस्तकालय अनुदान एवं स्पोर्ट्स अनुदान के तहत मिले धन का उपयोग 31 मार्च 2019 के पहले कर लिया जाना था लेकिन अधिकतर विद्यालयों में यह धनराशि निकालने का नया तरीका प्रधानाध्यापकों ने ईजाद किया है।
प्रधानाध्यापकों ने खाते से बगैर डेट के चेक काटकर अपने पास सुरक्षित रख लिया है, जिससे वे अपने हिसाब से बाद में धन आहरित कर सकें।
दोनों मदों में मिली धनराशि का उपभोग चेक के माध्यम से फर्मों को किया जाना था लेकिन कई विद्यालयों में प्रधानाध्यापकों ने स्वयं धनराशि आहरित की है और नकद भुगतान दुकानदारों को किया है।
बीएसए नरेंद्र देव ने एडवांस चेक का एक मामला कादीपुर विकासखंड क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय पूरे तिवरान में पकड़ा था, जहां प्रधानाध्यापक सावित्री देवी ने तिथि रहित 20 हजार रुपये का चेक अपने नाम काटकर रख लिया था।
जिला समन्वयक प्रशिक्षण डॉ. शरद सिंह ने लंभुआ के उच्च प्राथमिक विद्यालय नरेंद्रापुर में एडवांस में 10 हजार रुपये का चेक निर्गत किए जाने का मामला पकड़ा है।
शासन के निर्देश पर परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में भेजी गई पुस्तकालय अनुदान व स्पोर्ट्स अनुदान के धनराशि की रेंडम चेकिंग कराई गई है। 15 सदस्यीय टीम को 10-10 विद्यालय चेकिंग के लिए दिए गए थे।
कई विद्यालयों में दोनों मदों में भेजी गई धनराशि में अनियमितता मिली है। रिपोर्ट संकलित कराई जा रही है। जल्द ही शासन को भेजी जाएगी।
- नरेंद्र देव, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी