सुल्तानपुर। जिले के 2064 परिषदीय विद्यालयों में से 929 विद्यालय ऐसे हैं, जहां बाउंड्रीवॉल नहीं है। वहीं, 1135 विद्यालयों में बाउंड्रीवॉल व गेट बना हुआ है। बाउंड्रीवॉल विहीन परिषदीय विद्यालयों में आए दिन चोरी की घटनाएं होती रहती हैं।
ऑपरेशन कायाकल्प योजना के तहत ग्राम पंचायत निधियों से 19 बिंदुओं पर काम चल रहा है लेकिन जिले के 2064 परिषदीय विद्यालयों में से 929 स्कूल ऐसे हैं, जहां बाउंड्रीवॉल नहीं है। बाउंड्रीवॉल न होने से आए दिन विद्यालय में चोरी की घटनाएं होती रहती हैं। यही नहीं ऑपरेशन कायाकल्प योजना के तहत कराए गए कामों को भी उपद्रवियों की ओर से नुकसान पहुंचाया जा रहा है। कहीं हैंडवाशिंग यूनिट की टोटियां टूटी मिलती हैं तो कहीं फर्श में लगी टाइल्स को नुकसान पहुंचाया जाता है। यही नहीं आवारा पशुओं की वजह से विद्यालय में तमाम गंदगी हो जाती है। इससे सुबह स्कूल पहुंचने वाले शिक्षकों व विद्यार्थियों को दिक्कतें झेलनी पड़ती हैं।
बीएसए दीवान सिंह यादव ने बताया कि जिन विद्यालयों में बाउंड्रीवॉल का निर्माण नहीं हुआ है, उनके प्रधानाध्यापकों को निर्देशित किया गया है कि कंपोजिट ग्रांट के तहत मिली धनराशि से उसका निर्माण कराएं। यदि इस धनराशि से बाउंड्रीवॉल का काम पूर्ण होने की उम्मीद नहीं हो तो ग्राम पंचायत सचिव व संबंधित ग्राम प्रधान से समन्वय स्थापित कर ग्राम पंचायत निधि से बाउंड्रीवॉल का काम प्राथमिकता के स्तर पर करवाएं।
नहीं बन पा रहा किचन गार्डन
शासन ने सभी विद्यालयों में किचन गार्डन विकसित करने का निर्देश दिया था। इसका उद्देश्य यह था कि एमडीएम में बच्चों को हरी सब्जियां खाने को मिलेंगी। साथ ही किचन गार्डन में विद्यार्थियों की ओर से अपना योगदान देने से उनमें खेती-किसानी की समझ भी विकसित होगी। कई बाउंड्रीवॉल विहीन विद्यालयों में किचन गार्डन का काम बांस एवं झाड़ झंखाड़ लगाकर कराया गया लेकिन आवारा पशुओं व अराजकतत्वों की वजह से यह ज्यादा दिन तक नहीं चल सका।