गौरीगंज। प्रधानमंत्री आवास से आच्छादित परिवार के लोगों को निरोग बनाए रखने के लिए आवास के सामने सहजन का एक-एक पौधा लगाया जाएगा। प्रदेश सरकार ने विकास महकमे को लाभार्थियों को निशुल्क पौधा उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी दी है।
ग्रामीण क्षेत्र के आर्थिक रूप से पिछड़े व कमजोर लोगों को छत मुहैया कराने के लिए केंद्र की मोदी सरकार ने अपने पहले कार्यकाल में प्रधानमंत्री आवास योजना शुरू की थी।
योजना के तहत अमेठी जिले में वित्तीय वर्ष 2016-17 व 2017-18 में 16,607 व 2018-19 में 7,965 (कुल 24,572) को पीएम आवास दिए गए थे। अब आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को छत मुहैया कराने के बाद सरकार की कोशिश इन परिवारों को निरोग बनाए रखने की है।
योजना के तहत सभी लाभार्थियों के आवास के सामने सहजन के एक-एक पौधे लगवाए जाएंगे। शासन ने विकास महकमे को निर्देश दिया है कि वह मनरेगा या किसी भी अन्य मद से लाभार्थियों को सहजन के पौधे उपलब्ध कराए। शासन का आदेश मिलने के बाद जिले में इसकी कवायद शुरू हो गई है।
शासन की कोशिश सहजन के माध्यम से प्रत्येक लाभार्थी के घर के सामने एक ऐसा पेड़ तैयार करने की है जिसकी फली से लेकर पत्ती तक स्वास्थ्य के लिए गुणकारी हो।
सहजन के पौधे में तमाम औषधीय गुण होते हैं। सहजन की फली तीन सौ से ज्यादा रोगों में लाभकारी है। इसमें 92 तरह के मल्टी विटामिन, 46 तरह के एंटी-ऑक्सीडेंट व 18 तरह का एसिड होता है।
साथ ही यह 36 तरह के दर्द को दूर करने वाला होता है। इसमें दूध से सत्रह गुना ज्यादा कैल्शियम, गाजर से दस गुना ज्यादा वीटा कैरोटिन, केले से तीन गुना ज्यादा पोटैशियम, संतरे से सात गुना ज्यादा विटामिन-सी व पालक से 25 गुना अधिक आयरन पाया जाता है।