सुल्तानपुर। पिछले दिनों बुजुर्ग से हुई लूट की घटना का खुलासा करने को उतावली पुलिस फर्जीवाड़ा पर उतर आई। पुलिस ने शक के आधार पर एक प्रौढ़ को हिरासत में लिया। थाने लाकर उसे जुर्म कुबूल करने को कहा। मना करने पर लॉकअप में बंद कर जमकर पिटाई की, जिससे उसे गंभीर चोटें आई हैं। पीड़ित ने मंगलवार को जिलाधिकारी को घटना की जानकारी देते हुए दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
बल्दीराय थाना क्षेत्र के पूरे नेवल गांव निवासी कालीचरन (55) शादी विवाह में वीडियोग्राफी का काम करते हैं। 17 जून की दोपहर कालीचरन कुड़वार में स्थित संचित स्टूडियो पर एक शादी का वीडियो बनाने के लिए पहुंचे थे। दोपहर करीब तीन बजे तीन सिपाही स्टूडियो पर पहुंचे और संचित को अपने साथ लाए कुछ फोटो को ठीक करने को कहा। इसी बीच सिपाहियों की नजर स्टूडियो में बैठे कालीचरन पर पड़ी।
एक सिपाही ने कहा कि बुजुर्ग से रुपये लूटने वाला संदिग्ध यही है। तीनों सिपाहियों ने कालीचरन को उठाकर उसकी तलाशी ली और थाने चलने को कहा। कालीचरन के एतराज जताने पर सिपाहियों ने लूट के शिकार बुजुर्ग को स्टूडियो में ही बुलाकर उसकी पहचान कराई। बुजुर्ग ने कहा कि लुटेरा यह नहीं है। इसके बाद तीनों सिपाही कालीचरन को लेकर कुड़वार थाने पहुंचे, जहां लॉकअप में डाल दिया।
आरोप है कि देर रात एसओ कुड़वार अखिलेश सिंह ने कालीचरन से लूट की घटना में शामिल होने का कबूलनामा लिखने को कहा। कालीचरन ने मना करने पर रात भर एसओ और तीन सिपाहियों ने उसकी बेरहमी से पिटाई की। बाद में उसका 151 में चालान कर दिया। मंगलवार को कालीचरन जिलाधिकारी रवीश गुप्ता के पास पहुंचा और उन्हें थानाध्यक्ष कुड़वार व तीन अन्य सिपाहियों की ज्यादती के बारे में जानकारी दी।
लॉकअप में बंद कर कालीचरन की पिटाई के आरोपी थानाध्यक्ष अखिलेश सिंह से उनका पक्ष जानने के लिए फोन किया गया तो उन्होंने कहा कि एक लूट की घटना में शक के आधार पर लाया गया था। पिटाई की बात पूछते ही उन्होंने फोन काट दिया।