सुल्तानपुर। बरसात के मौसम में वायरल बुखार ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी है। बुखार के साथ मरीजों की प्लेटलेट्स तेजी से गिर रही हैं। कई मरीजों में प्लेटलेट्स 50 हजार से कम मिलने पर उन्हें भर्ती कर उपचार देना पड़ रहा है। कुछ मरीजों में बुखार के बाद पेट दर्द और लिवर में सूजन की शिकायत सामने आ रही है। मेडिकल कॉलेज में रोजाना वायरल बुखार के 225 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं।
बृहस्पतिवार को मेडिकल कॉलेज में उपचार कराने पहुंची दूबेपुर की सुषमा वर्मा ने बताया कि चार दिन से बुखार है, दवा से भी आराम नहीं मिला। जांच कराने पर प्लेटलेट्स घटकर 50 हजार रह गईं। बंधुआकला की साजिया ने बताया कि एक दिन बुखार आने के बाद जांच में प्लेटलेट्स 73 हजार मिलीं। चिकित्सक ने दवा के साथ आराम करने की सलाह दी है।
मेडिकल कॉलेज के फिजिशियन डॉ. एसी गुप्ता के मुताबिक मौसम में बदलाव के साथ वायरल संक्रमण बढ़ रहा है। इन दिनों डेंगू और मलेरिया के मामले सामने नहीं आ रहे हैं, लेकिन वायरल बुखार के मरीजों की संख्या अधिक है। पांच दिन या उससे अधिक समय तक बुखार रहने वाले कई मरीजों में प्लेटलेट्स कम पाई जा रही हैं। प्लेटलेट्स बहुत कम होने पर मरीजों को भर्ती कर निगरानी में उपचार देना पड़ रहा है।
पेट दर्द व पाचन संबंधी परेशानी
डॉ. आरपी द्विवेदी ने बताया कि कुछ मरीजों में बुखार उतरने के बाद पेट दर्द और पाचन संबंधी परेशानी देखी जा रही है। वायरल संक्रमण का असर पाचन तंत्र पर पड़ने से ऐसी शिकायत हो सकती है। कुछ मरीजों में लिवर में सूजन की समस्या सामने आ रही है। खान-पान में विशेष सावधानी बरतना जरूरी है। फास्ट फूड, तली-भुनी और मसालेदार चीजों से पूरी तरह परहेज करना चाहिए। पर्याप्त आराम और चिकित्सक की सलाह के अनुसार उपचार लेना जरूरी है।
बुखार को हल्के में न लें
पांच दिन या इससे अधिक बुखार रहने पर चिकित्सक से जांच कराएं।
प्लेटलेट्स कम होने पर खुद से दवा न लें।
झोलाछापों से इलाज कराने से बचें।
बुखार में शरीर को पर्याप्त आराम दें।
हल्का और संतुलित भोजन लें, फास्ट फूड से परहेज करें।
पेट दर्द या अत्यधिक कमजोरी होने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।