सुल्तानपुर। किसान यदि फलों से कमाई करना चाहते हैं और हरियाली बढ़ाने के प्रेमी हैं तो उन्हें सिर्फ पौधों की देखरेख करना होगा। पौधों की रोपाई व उसके संरक्षण का जिम्मा शासन की ओर से उठाया जाएगा। रोपाई व संरक्षण के लिए मनरेगा की ओर से प्रत्येक सीमांत किसानों, महिलाओं, पीएम आवास के लाभार्थियों सहित अन्य को दो लाख रुपये दिए जाएंगे।
पौधों और फल से कमाई का अवसर उपलब्ध कराते हुए शासन ने वनप्रिय योजना शुरू की है। इसके तहत पौधरोपण करने वाले लोगों को दो लाख रुपये दिए जाएंगे। पहले चरण में दूबेपुर विकास खंड का चयन किया गया है। इस ब्लॉक के सीमांत किसानों, स्वयं सहायता समूहों, अन्य महिलाओं, समाजसेवियों व विभिन्न योजना के लाभार्थियों की ओर से मांग करने पर मनरेगा की ओर से योजना का लाभ दिया जाएगा। योजना में विभाग की छायादार व फलदार पौधे दिए जाएंगे। यदि आवेदनकर्ता चाहें तो वह स्वयं भी पौधे खरीद सकते हैं।
योजना से प्रदूषण पर अंकुश लगाने की कोशिश
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए शासन ने वनप्रिय योजना से इस पर अंकुश लगाने की कोशिश शुरू की। अधिकारियों के मुताबिक व्यक्तिगत लाभपरक योजना से लोगों में पौधरोपण के प्रति रुझान बढ़ेगा। पौधरोपण से पर्यावरण दुरुस्त होगा और लोगों को इसका आर्थिक लाभ भी मिलेगा।
पौधे देने पर उसकी धनराशि की होगी कटौती
मनरेगा उपायुक्त अजीत कुमार सिंह ने बताया कि पौधे के वितरण व देखरेख के लिए प्रत्येक को दो लाख रुपये दिए जाएंगे। दो लाख रुपये लेने वाले लोगों को पौधे स्वयं खरीदना होगा। विभाग की ओर से पौधे देने पर उसकी कीमत की कटौती अनुमन्य धनराशि में से की जाएगी। बची धनराशि चयनित आवेदक को दी जाएगी।