सुल्तानपुर। अयोध्या में राम मंदिर बनने के बाद से जिले में पर्यटकों का आवागमन बढ़ गया है। उसी गति से आवासीय सुविधाओं की मांग भी बढ़ रही है। हाईवे के आसपास बने घरों को पर्यटकों को रुकने के लिए विकसित किया जा रहा है। लखनऊ-वाराणसी और अयोध्या-प्रयागराज हाईवे किनारे लोहरामऊ क्षेत्र से अब तक छह लोगों ने होम स्टे के लिए आवेदन किया है।
पुलिस सत्यापन के बाद पर्यटन विभाग इन्हें होम स्टे के लिए अनुमति प्रदान करेगा। मकानों को होम स्टे के तौर पर विकसित करने वालों को होने वाली कमाई पर कोई टैक्स भी नहीं लगेगा।
प्रभारी जिला पर्यटन अधिकारी धीरेंद्र यादव ने बताया कि अयोध्या में रामलला का दर्शन करने के लिए देश-विदेश से आने वाले पर्यटक अधिकतर वाराणसी, प्रयागराज व चित्रकूट का भी दर्शन करते हैं। एक साल से शहर के पूरब अयोध्या बाईपास पर होटलों व ढाबों का व्यवसाय बढ़ा है। उत्तर प्रदेश बेड एंड ब्रेकफास्ट एवं होम स्टे नीति-2025 के तहत लोग अपने घरों का उपयोग व्यावसायिक रूप से करने में रुचि दिखा रहे हैं।