सुल्तानपुर। महात्मा गांधी की जयंती पर एक फाउंडेशन की ओर से शुक्रवार को तिकोनिया पार्क से ध्वनि प्रदूषण के विरुद्ध ‘शांति मार्च’ निकाला जाएगा। इस मार्च का उद्देश्य तेज आवाज में बजने वाले डीजे और उससे होने वाले कंपन के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करना है। मार्च में युवा, विद्यार्थी, वरिष्ठ नागरिक, चिकित्सक, इंजीनियर, शिक्षक, व्यापारी, सामाजिक संगठन और सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से सहभागिता की अपील की गई है।
डीजे का शोर स्वास्थ्य के लिए घातक
अखिल विश्व गायत्री परिवार के संयोजक डॉ. सुधाकर सिंह ने कहा कि डीजे का अत्यधिक शोर स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों के लिए यह गंभीर खतरा बन सकता है। इससे निजात के लिए सभी को आगे आना होगा।
पूजा समिति ने वर्षों से किया डीजे का बहिष्कार
दुर्गा माता पूजा समिति ओम नगर के संयोजक जसवंत सिंह रज्जन ने बताया कि समिति कई वर्षों से डीजे का पूर्ण बहिष्कार कर रही है। पंडाल में कम शोर वाले लाउडस्पीकर बजाए जाते हैं। विसर्जन यात्रा में बैंड-बाजे और ढोल-ताशे का इस्तेमाल होता है।
कंपन से प्रभावित होता है आसपास का क्षेत्र
घर सुल्तानपुर फाउंडेशन के संयोजक नितिन मिश्र ने कहा कि डीजे का तेज आवाज आसपास के क्षेत्र में कंपन पैदा करती है। इससे लोगों को परेशानी होती है। डीजे के अत्यधिक शोर पर रोक के लिए जनजागरूकता जरूरी है।