सुल्तानपुर। जिले में सड़क हादसे में घायल पिता-पुत्र को जहां सोमवार को एंबुलेंस नहीं मिलने से पिता की मौत हो गई थी, वहीं मंगलवार को भी जिले में कई लोगों को एंबुलेंस की सेवा नहीं मिली।
सड़क हादसे में घायल युवक को परिवारीजन प्राइवेट एंबुलेंस से लखनऊ ट्रॉमा सेंटर ले गए, वहीं बुजुर्ग महिला और युवती को भी सरकारी एंबुलेंस नहीं मिल सकी।
हालांकि लखनऊ में सोमवार को एंबुलेंस कर्मियों की कुछ मांगें पूरी होने पर जिले में 30 फीसदी एंबुलेंस सेवा की शुरुआत हो गई। उम्मीद जताई जा रही है कि देर शाम तक मांगें पूरी होने पर 100 फीसदी एंबुलेंस सेवा बहाल कर दी जाएगी।
जिले में 102 सेवा की 39 एंबुलेंस और 108 की 33 एंबुलेंस हैं। वहीं एडवांस लाइफ सपोर्ट कुल चार हैं। कर्मचारियों में 152 चालक, 152 एमटी और 20 हेल्प डेस्क पर तैनात हैं। कई दिन से विभिन्न मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे एंबुलेंस कर्मियों ने 26 जुलाई को जिले में पूरी तरह से सेवा ठप कर दी थी।
सोमवार को सड़क हादसे में घायल तुफैल खान और उनके बेटे हसनैन निवासी रुकुनपुर थाना गोसाईंगंज को एंबुलेंस नहीं मिल सकी थी। सही समय पर उपचार नहीं मिल पाने के कारण तुफैल खान की मौत हो गई थी।
देर शाम लखनऊ में प्रदर्शन के दौरान एंबुलेंस कर्मियों की कुछ मांगें पूरी होने के बाद दावा किया गया कि जिले में 15 एंबुलेंस की सेवा शुरू हो गई है, जबकि हकीकत में ऐसा नहीं हुआ। मंगलवार को दावा किया गया कि जिले में 24 एंबुलेंस की सेवा बहाल की गई है। दोपहर बाद तक अधिकांश लोगों को एंबुलेंस की सेवा नहीं मिल सकी।
घायलों को नहीं मिली एंबुलेंस
दो बाइकों की टक्कर में मंगलवार को कैफ (18) व गाजी अब्बास (15) पुत्रगण शानदार हुसैन निवासी वलीपुर थाना कुड़वार को गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को प्राइवेट वाहन से जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने गाजी अब्बास को लखनऊ ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया। परिवारीजनों को सरकारी एंबुलेंस नहीं मिली तो गाजी अब्बास को प्राइवेट एंबुलेंस से लखनऊ लेकर गए।
निजी वाहन से बेटी को लेकर पहुंचे अस्पताल
कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के मिश्रौली गांव की रहने वाली किरन (18) पुत्री राजेश की मंगलवार को हालत खराब हो गई। परिवारीजनों को एंबुलेंस नहीं मिली तो बेटी को प्राइवेट वाहन से लेकर जिला अस्पताल पहुंचे।
महिला को गोद में लेकर पहुंचे परिवारीजन
एक बुजुर्ग महिला को उसके परिवारीजन गोद में उठाकर जिला अस्पताल पहुंचे। जिला अस्पताल के इमरजेंसी में चिकित्सकों ने महिला को देखकर बताया कि इसे ब्रेन हैमरेज हुआ है। महिला को गोद में उठाए परिवारीजनों ने बताया कि उन्हें एंबुलेंस नहीं मिली। इसके बाद महिला को लेकर उसके परिवारीजन कहां चले गए, पता नहीं चल सका।
कई बार किया फोन, नहीं पहुंची एंबुलेंस
कूरेभार थाना क्षेत्र के भगवानपुर गांव निवासी नन्हें लाल (38) मंगलवार को पेड़ काटते समय गिर पड़े। परिवारीजन एंबुलेंस बुलाने के लिए फोन करते रहे, लेकिन एंबुलेंस नहीं पहुंची। थक-हारकर परिवारीजन नन्हेंलाल को प्राइवेट वाहन से लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। वहीं, धनपतगंज क्षेत्र के मुडुवा गांव की रहने वाली प्रतिमा (17) पुत्री बुद्धनू बीमार थी। परिवारीजन प्रतिमा को प्राइवेट वाहन से लेकर अस्पताल पहुंचे।
24 एंबुलेंस की सेवा जारी
एंबुलेंस सेवा के कार्यक्रम प्रबंधक सुमित सिंह ने बताया कि जिले में सोमवार की शाम से 15 और मंगलवार की सुबह नौ एंबुलेंस से सेवा बहाल की गई है। कुल 24 एंबुलेंस से लोगों की सेवा की जा रही है। उन्होंने कहा कि देर शाम तक एंबुलेंस कर्मियों की अन्य मांगें पूरी होने की उम्मीद है। मांगें पूरी होने पर सभी 76 एंबुलेंस की सेवा बहाल हो जाएगी।
सीएचसी अधीक्षक ने की दो एंबुलेंस की व्यवस्था
कादीपुर। एंबुलेंस कर्मियों की हड़ताल के कारण सीएचसी अधीक्षक डॉ. राघवेंद्र सिंह ने दो एंबुलेंस की आपात व्यवस्था की है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राघवेंद्र सिंह ने बताया की जब से एंबुलेंस कर्मियों ने हड़ताल किया है। तब से सीएचसी से कोई भी मरीज रेफर नहीं किया गया है और न ही एंबुलेंस की जरूरत पड़ी है। आपात सेवा पड़ने पर उक्त नंबर की एंबुलेंस को बुला लिया जाएगा। बीते सोमवार की रात सीएचसी के लेबर रूम से एक मरीज रेफर किया गया था, जो अपने वाहन से अस्पताल आया था और उसी से जिला चिकित्सालय गया।