सुल्तानपुर। जिले के अस्पतालों में भीड़ कम करने के लिए अब गांवों में स्थापित आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में सुविधाओं को बढ़ाया जाएगा। यहां पर टेलीमेडिसिन का दायरा बढ़ाते हुए इन्हें एम्स जैसे बड़े अस्पतालों से जोड़ा जाएगा।
जरूरत पड़ने पर तैनात सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श कर मरीजों को बेहतर चिकित्सकीय सुविधाएं दिलाएंगे। टेलीमेडिसिन के माध्यम से डॉक्टर मरीजों से बात करेंगे, और ऑनलाइन जांच रिपोर्ट को देखकर जरूरी सलाह देंगे।
जिले में 14 विकास खंडों में पांच हजार की आबादी पर 218 आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित किए गए हैं। हर आरोग्य मंदिर पर एक सीएचओ (सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी) की तैनाती की गई है। यहां की सेवाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में काम चल रहा है। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को अन्य सरकारी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों व चिकित्सा संस्थानों से ऑनलाइन जोड़कर हब एंड स्पोक माॅडल को विस्तार दिया जाएगा।
यह एक ऐसी प्रणाली है, जो संस्थानों के आपसी जुड़ाव के नेटवर्क को सरल बनाती है। टेली कंसल्टेशन से स्वास्थ्य सुविधाएं और भी आसान होंगी।
घर के नजदीक मिलेगी बेहतर स्वास्थ्य सुविधा
आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के जरिए लोगों को उनके घर के नजदीक ही टेलीमेडिसिन की सेवाएं उच्च गुणवत्ता के साथ उपलब्ध कराई जाएंगी। गंभीर रोगियों को बार-बार फाॅलोअप के लिए बड़े अस्पतालों के चक्कर न लगाना पड़े, इसके लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों से सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को चिकित्सकीय परामर्श दिलाया जाएगा। अस्पतालों में भीड़ कम होगी और जरूरत के अनुसार आरोग्य मंदिरों में संसाधन भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
स्वास्थ्य सुविधा में टेलीमेडिसिन बेहद महत्वपूर्ण
आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में टेलीमेडिसिन प्रणाली से मरीजों को अस्पताल का चक्कर नहीं लगाना होगा। घर के पास ही बेहतरीन चिकित्सकीय सुविधा मिल सकेगी। कुछ सेवाएं शुरू की गई हैं। जल्द ही विस्तृत रूप से ऑनलाइन स्वास्थ्य सुविधाओं को पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा। इसके लिए सभी सीएचओ को प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। - डॉ. भारत भूषण, सीएमओ