सुल्तानपुर। जयसिंहपुर टीएचआर (टेक होम राशन) प्लांट से जुड़े ब्लॉक के करीब 20 हजार आंगनबाड़ी के लाभार्थियों का पुष्टाहार आरोपी बीएमएम (ब्लॉक मिशन प्रबंधक) के ऊपर टिका है। गेहूं व सामग्री समय पर नहीं मिलने पर लाभार्थियों का पुष्टाहार बनने में संकट खड़ा हो जाएगा। दो माह बाद इसका असर दिखने के आसार हैं।
अप्रैल में जयसिंहपुर प्लांट से गायब 405 क्विंटल गेहूं, तीन क्विंटल चीनी, साढ़े नौ क्विंटल मूंगदाल व 59 बोरी मिक्स पाउडर के मामले में आरोपी बनाए गए तत्कालीन बीएमएम अवधेश कुमार पर प्राथमिकी दर्ज करवा दी गई है। साढ़े 18 लाख रुपये के फर्जी भुगतान प्रतापगढ़ की फर्म को कराने के आरोप में अवधेश कुमार की बर्खास्तगी की संस्तुति उपायुक्त एनआरएलएम ने राज्य मिशन निदेशक से की है।
अभी मिशन निदेशक दीपा रंजन की ओर से बर्खास्त नहीं किया गया है। प्राथमिकी दर्ज होने व बर्खास्तगी की संस्तुति के बाद आरोपी बीएमएम गायब है। जिससे गेहूं व अन्य सामग्री की वापसी नहीं हो पा रही है। इसे देखते हुए दो माह बाद जयसिंहपुर ब्लॉक क्षेत्र के करीब 20 हजार आंगनबाड़ी के लाभार्थियों के पुष्टाहार पर संकट मंडराने लगा है। अभी प्लांट स्थित 1200 क्विंटल गेहूं व अन्य सामग्री से दो माह तक पुष्टाहार बन सकता है, लेकिन आरोपी बीएमएम के गेहूं समेत अन्य सामग्री वापस नहीं करने पर पुष्टाहार बनने में दिक्कत आ सकती है।
इसका असर सीधे आंगनबाड़ी के करीब 20 हजार लाभार्थियों पर पड़ेगा। जिला मिशन प्रबंधक नीरज श्रीवास्तव ने बताया कि बर्खास्तगी की संस्तुति भेजी गई है। अभी बर्खास्त नहीं हुआ है। कार्रवाई के बाद आरोपी गायब चल रहा है।
आरोपी से ही होगी वसूली
एनआरएलएम उपायुक्त केडी गोस्वामी ने बताया कि आरोपी से ही गेहूं समेत अन्य सामग्री की वसूली होगी। वापस नहीं करने पर अन्य कार्रवाई की जाएगी।