बंधुआकला (सुल्तानपुर)। बाबा जी का सगरा उदासीन संगत के महंत बाबा भरत दास का शनिवार को इलाज के दौरान लखनऊ के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनके निधन की सूचना मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। लोगों ने अश्रुपूरित नेत्रों से उन्हें अंतिम विदाई दी।
बाबा रामजी दास के निधन के बाद वर्ष 1992 में बाबा भरत दास की महंत के रूप में ताजपोशी हुई थी। बाबा भरत दास ने तमाम अड़चनों के बाद भी आम जनमानस की देखभाल, सगरा मेले के संचालन और प्रयागराज में लगने वाले कुंभ मेले में बाबा सहजराम संगत की अग्रणी उपस्थिति दर्ज कराई। शनिवार को बाबा भरत दास का शव आश्रम में पहुंचते ही आम जनमानस की भीड़ जुट गई। आश्रम की परंपरा अनुसार उनके पार्थिव शरीर को रथ पर रख कर लोगों के दर्शन के लिए यात्रा निकाली गई।
एसडीएम विपिन द्विवेदी, सीओ प्रशांत सिंह, तहसीलदार हृदय राम तिवारी, लेखपाल राजीव कुमार मिश्र भी मौके पर पहुंच गए। बंधुआकला, धम्मौर, कुड़वार, कोतवाली नगर व कूरेभार की पुलिस मौके पर डटी रही। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में कड़ी सुरक्षा के बीच शव का अंतिम संस्कार किया गया।