चांदा। कस्बे में संचालित नर्सिंग होम और पैथोलॉजी सेंटरों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पीपी कमैचा के अधीक्षक डॉ. आरसी यादव ने शिखा नर्सिंग होम, हेल्थ पैथोलॉजी, सती नर्सिंग होम सहित 10 संचालकों को नोटिस जारी किया है।
नोटिस में संचालकों को दो दिन में संस्थान के संचालन से संबंधित आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। दस्तावेज प्रस्तुत किए जाने तक संस्थान का संचालन रोकने की हिदायत दी गई है।
बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई से संबंधित संचालकों में अफरातफरी मची रही। पिछले दिनों चांदा कस्बे के न्यू आयुषी पॉली क्लीनिक में प्रसव के दौरान नवजात की मौत के बाद हंगामा हुआ था। छह थानों की पुलिस और पीएसी तैनात करनी पड़ी थी। पुलिस ने आरोपी डॉ. रंजना यादव और उनके पति डॉ. दिनेश यादव को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था। वहां से उन्हें जेल भेज दिया गया था।
घटना के बाद निजी नर्सिंग होम और पैथोलॉजी केंद्रों के संचालन पर स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता बढ़ गई है। इसी क्रम में विभिन्न संस्थानों को नोटिस जारी कर दस्तावेज का सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए हैं। डॉ. आरसी यादव ने बताया कि विभाग की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। कस्बे के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित क्लीनिकों को भी नोटिस जारी कर कार्रवाई की जाएगी।