लक्ष्मणपुर के औद्योगिक आस्थान की बनी बाउंड्रीवाल। स्रोत-संगठन।
सुल्तानपुर। शहर के लक्ष्मणपुर औद्योगिक आस्थान के पार्क में बिना कार्य कराए ही फर्म ने उसे उद्योग विभाग को हस्तांतरित कर दिया। खर्च करने के लिए आवंटित 4.32 लाख रुपये का उपयोग ही नहीं किया गया। साथ ही अन्य कार्य घटिया मिले हैं।
व्यापारी अरुण कुमार जायसवाल की शिकायत पर जॉइंट मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में गठित तीन सदस्यीय टीम की जांच में इसका खुलासा हुआ है।
बुधवार को कलेक्ट्रेट में हुई उद्योग एवं व्यापार बंधु की बैठक में जांच रिपोर्ट के साथ अरुण जायसवाल की ओर से प्रकरण उठाने पर उद्योग विभाग की पोल खुल गई है। आवंटित धनराशि से पार्क में हार्टीकल्चर, पौधरोपण समेत गेट लगाया जाना था। जांच में मिला है कि फर्म ने बाउंड्रीवाॅल का कार्य सही नहीं कराया है। फुटपाथ पर कराई गई इंटरलॉकिंग कई जगह धंस गई है। बाउंड्रीवाल की पोताई होने से उसकी ईंट के मानक का परीक्षण नहीं हो सका। पूर्व में बनाई गई नाली का आरसीसी कवर टूटा मिला। मुख्य गेट भी नहीं लगा मिला।
उद्योग व्यापार मंडल के जिला उपाध्यक्ष अरुण जायसवाल के साथ प्रदेश महामंत्री रवींद्र त्रिपाठी ने कार्य में गड़बड़ी का आरोप लगाया। उद्योग उपायुक्त ने बिना कार्य हुए पार्क का हस्तांतरण ले लिया। व्यापारियों की ओर से प्रकरण उठाए जाने के बाद मुख्य विकास अधिकारी अंकुर कौशिक ने इसके लिए उद्योग आयुक्त को पत्र लिखने के निर्देश दिए हैं। शिकायतकर्ता ने बताया कि स्थानीय स्तर पर संतुष्टि नहीं मिलने पर इसकी ऊपर शिकायत की जाएगी।